क्या बडगाम पुलिस ने अनधिकृत वीपीएन के उपयोग पर कार्रवाई की?
सारांश
Key Takeaways
- बडगाम में अनधिकृत वीपीएन का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है।
- पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सख्त कार्रवाई की है।
- कई व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
- सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
- पुलिस ने आम जनता से नियमों का पालन करने की अपील की है।
बडगाम, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में प्रशासन के आदेशों का सख्ती से पालन करते हुए पुलिस ने अनधिकृत वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के उपयोग के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है।
बडगाम पुलिस ने डिजिटल मंच के दुरुपयोग को रोकने के लिए पूरे जिले में छापेमारी और निगरानी अभियान चलाया। इस दौरान कई व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए गए।
29 दिसंबर को जिला प्रशासन ने अनधिकृत वीपीएन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था। इसके बाद, 29 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक पुलिस ने गहन सत्यापन और तकनीकी जांच की। इस अवधि में कुल 24 व्यक्तियों की पहचान उन लोगों के रूप में की गई जो इस आदेश का उल्लंघन कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोग आतंकवाद से जुड़े संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले थे और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का गलत उपयोग कर रहे थे। ऐसे दो मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। यह कार्रवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए की गई है।
इसके अलावा, 18 से 40 वर्ष की आयु के 11 व्यक्तियों के खिलाफ सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की गई। इन लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत पाबंद किया गया। उन्हें चेतावनी देकर बाद में रिहा कर दिया गया और आगे नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया।
बडगाम पुलिस ने स्पष्ट किया कि वह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, कानूनी आदेशों को लागू करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि जिला प्रशासन के सभी आदेशों का सख्ती से पालन करें और इंटरनेट सेवाओं का जिम्मेदारी से उपयोग करें। अनधिकृत वीपीएन का उपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।