क्या कैबिनेट ने 2026 सीजन के लिए खोपरा की एमएसपी को 445 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाया?

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क्या कैबिनेट ने 2026 सीजन के लिए खोपरा की एमएसपी को 445 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाया?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीईए ने खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 445 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। यह निर्णय किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। इस निर्णय से कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और युवा किसानों को आकर्षित किया जाएगा।

मुख्य बातें

खोपरा की एमएसपी में 445 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि।
किसानों को लाभकारी कीमतें देने का सरकारी प्रयास।
नारियल उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रोत्साहन।
कृषि क्षेत्र में युवाओं को आकर्षित करने की दिशा में कदम।
नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा समर्थन योजना जारी रहेगी।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्‍डलीय समिति (सीसीईए) ने वर्ष 2026 के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को स्वीकृति दी है, जिसमें 445 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, 2026 सीजन के लिए मिलिंग खोपरा का उचित औसत गुणवत्ता (फेयर एवरेज क्वालिटी) का एमएसपी 12,027 रुपए प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा का एमएसपी 12,500 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

इस वर्ष के लिए एमएसपी पिछले सीजन की तुलना में मिलिंग खोपरा के लिए 445 रुपए प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है।

विपणन सीजन 2014 के लिए मिलिंग खोपरा और बॉल खोपरा का एमएसपी क्रमशः 5,250 रुपए और 5,500 रुपए था, जो अब 2026 के विपणन सीजन के लिए बढ़कर क्रमशः 12,027 रुपए और 12,500 रुपए हो गया है। इस दौरान मिलिंग खोपरा और बॉल खोपरा की एमएसपी में क्रमशः 129 प्रतिशत और 127 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

किसानों को लाभकारी कीमतें प्रदान करने के लिए, सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषणा की थी कि सभी अनिवार्य फसलों का एमएसपी पूरे भारत में उत्पादन की औसत लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर तय किया जाएगा।

इससे कृषि में देश के किसानों को अच्छा मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा और युवा भी आकर्षित होंगे।

कैबिनेट ने कहा कि अपेक्षाकृत अधिक एमएसपी न केवल नारियल उगाने वालों को बेहतर मुनाफा दिलाएगा, बल्कि किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नारियल के उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खोपरा का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ) मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खोपरा की खरीद के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों (सीएनए) के रूप में कार्य करते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कृषि क्षेत्र में युवाओं को भी आकर्षित करेगी। यह कदम देश के कृषि विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खोपरा की एमएसपी में वृद्धि से किसानों को क्या लाभ होगा?
इससे किसानों को अधिक लाभकारी कीमतें मिलेंगी, जो उनके आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगी।
कैबिनेट का यह निर्णय कब लिया गया?
यह निर्णय 12 दिसंबर को लिया गया।
मिलिंग खोपरा की एमएसपी क्या है?
मिलिंग खोपरा की एमएसपी 12,027 रुपए प्रति क्विंटल है।
बॉल खोपरा की एमएसपी कितनी है?
बॉल खोपरा की एमएसपी 12,500 रुपए प्रति क्विंटल है।
सरकार ने एमएसपी कैसे निर्धारित किया?
सरकार ने एमएसपी को उत्पादन की औसत लागत के 1.5 गुना स्तर पर तय करने की घोषणा की थी।
राष्ट्र प्रेस
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