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दीपावली से पहले CM मोहन यादव का बड़ा निर्देश: कार्बाइड गन-लैंप पर सख्त प्रतिबंध, मिलावट पर FIR

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दीपावली से पहले CM मोहन यादव का बड़ा निर्देश: कार्बाइड गन-लैंप पर सख्त प्रतिबंध, मिलावट पर FIR

सारांश

दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए — कार्बाइड गन-लैंप पर सख्त प्रतिबंध, पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक और मिठाइयों में मिलावट पर FIR। किसी जिले में अप्रिय घटना हुई तो कलेक्टर-एसपी सीधे जिम्मेदार होंगे।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 21 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी कलेक्टर्स-एसपी को दीपावली पूर्व निर्देश दिए।
कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध — एसीटिलीन गैस से विस्फोट का खतरा, 2025 में विभागीय एडवाइजरी जारी हो चुकी है।
खाद्य मिलावट पर अब तक 17 लाइसेंस निलंबित और 42 FIR दर्ज, त्यौहारी सीजन में अभियान और तेज होगा।
अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई के निर्देश; दुकानों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य।
संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस और अस्पताल पहले से अलर्ट पर रहेंगे।
किसी भी जिले में अप्रिय घटना हुई तो संबंधित कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, एसपी और आईजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने आगामी दीपावली और अन्य त्यौहारों से पहले कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर कड़ी रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही पटाखों की अवैध बिक्री, खाद्य मिलावट और कानून-व्यवस्था को लेकर जिला अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया।

कार्बाइड गन और लैंप: क्यों है खतरनाक

मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निर्मित कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप मानव जीवन के लिए अत्यंत घातक हैं। इन उपकरणों की कार्यप्रणाली में कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर एसीटिलीन गैस उत्पन्न करता है, जो अत्यधिक ज्वलनशील होती है और मामूली चिंगारी से भी विस्फोट कर सकती है।

इस विस्फोट में बाहर आने वाले प्लास्टिक और धातु के सूक्ष्म कण आंखों, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं। एसीटिलीन गैस के जलने से त्वचा पर झुलसने या आग लगने का भी गंभीर खतरा रहता है। उल्लेखनीय है कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2025 में इस संदर्भ में एक एडवाइजरी पहले ही जारी की जा चुकी है।

पटाखों की अवैध बिक्री पर सख्ती के निर्देश

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दीपावली के दौरान पटाखों की अवैध बिक्री पर पूर्णतः रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पटाखे की दुकानों को लाइसेंस जारी करते समय सभी आवश्यक शर्तों का कड़ाई से पालन किया जाए और विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण भी किया जाए।

किसी भी स्थान पर विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण न होने पाए — ऐसा पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय, भंडारण एवं उपयोग पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जाए। यादव ने यह भी जोड़ा कि इस कार्रवाई में छोटे व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री यादव ने कलेक्टर-एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और किसी भी प्रकार का सामाजिक या साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न न होने दें। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए और नियमित एवं प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी कही। यादव ने स्पष्ट किया कि यदि किसी जिले में कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसके लिए संबंधित कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।

आपातकालीन प्रबंधन और चिकित्सा तैयारी

दीपावली के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहन, उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस तैनात रहे और निकटवर्ती अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र पहले से अलर्ट पर रखे जाएं।

शहरों और कस्बों के प्रमुख मार्गों व संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर बल दिया गया।

खाद्य मिलावट पर कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने त्यौहारी मौसम में खाद्य सामग्रियों में मिलावटखोरी पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयाँ किसी भी स्थिति में बाजार में न बिकने पाएं। बैठक में बताया गया कि अब तक मिलावटखोरी पाए जाने पर 17 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं और 42 प्रकरणों में FIR दर्ज की गई है।

यादव ने निर्देश दिया कि जिलों में विशेष दल गठित करके खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन अभियान चलाया जाए। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस कार्यवाही में किसी को अनावश्यक परेशानी न पहुंचाई जाए।

बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी जिलों के कलेक्टर्स और एसपी ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी दी। त्यौहारी मौसम में इन दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन के पास इन आदेशों को लागू करने के लिए पर्याप्त संसाधन और जनशक्ति है। 42 FIR और 17 लाइसेंस निलंबन आँकड़े कार्रवाई की शुरुआत दर्शाते हैं, पर मध्यप्रदेश जैसे बड़े राज्य में त्यौहारी बाज़ार की निगरानी के लिए यह संख्या बहुत कम है। बिना जन-जागरूकता अभियान के केवल प्रशासनिक दबाव से दीर्घकालिक परिवर्तन संभव नहीं होगा।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप क्यों खतरनाक हैं?
कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर अत्यधिक ज्वलनशील एसीटिलीन गैस उत्पन्न करता है, जो मामूली चिंगारी से भी विस्फोट कर सकती है। इस विस्फोट से निकले प्लास्टिक और धातु के कण आंखों, चेहरे व त्वचा को गंभीर रूप से घायल करते हैं। लोक स्वास्थ्य विभाग ने 2025 में इस संदर्भ में एडवाइजरी जारी की थी।
मध्यप्रदेश में खाद्य मिलावट पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
मध्यप्रदेश में अब तक मिलावटखोरी पाए जाने पर 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने त्यौहारी सीजन में नकली मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए जिलों में विशेष दल गठित करने के निर्देश दिए हैं।
दीपावली पर पटाखों की अवैध बिक्री रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
सभी जिलों में पटाखे की दुकानों का भौतिक सत्यापन और निरीक्षण किया जाएगा। अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई के आदेश हैं और प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कलेक्टर-एसपी की होगी।
CM मोहन यादव ने त्यौहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए, सामाजिक व साम्प्रदायिक तनाव न होने पाए और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। किसी भी जिले में अप्रिय घटना होने पर संबंधित कलेक्टर और एसपी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा।
दीपावली के दौरान आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन कैसा होगा?
संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन वाहन, उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात रहेंगे। प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और निकटवर्ती अस्पतालों को पहले से अलर्ट पर रखा जाएगा। चिकित्सकों की ड्यूटी भी पूर्व से निर्धारित की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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