30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की?

सारांश

सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में गंभीर जांच के बाद कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। क्या यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ एक मजबूत कदम साबित होगी?

मुख्य बातें

सीबीआई की चार्जशीट से डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
13 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
जांच में 15,000 से अधिक आईपी पतों का उपयोग पाया गया।
म्यांमार में कॉल सेंटर को धोखाधड़ी का केंद्र बताया गया है।
सीबीआई ने अन्य साजिशकर्ताओं की पहचान के लिए जांच जारी रखी है।

नई दिल्ली, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराधों को रोकने के लिए डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। देश में बढ़ते ऐसे मामलों के मद्देनजर यह मामला सीबीआई ने स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज किया था।

इस मामले में देशभर से सामने आए डिजिटल अरेस्ट जैसे दस गंभीर मामलों की गहन जांच की गई, जिनमें पीड़ितों को डराकर ऑनलाइन तरीके से पैसे वसूलने का प्रयास किया गया था।

सीबीआई ने अक्टूबर में दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल में एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

इन छापों के दौरान एजेंसी ने बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए। सबूतों के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि इस साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क से जुड़े 15,000 से अधिक आईपी पतों का उपयोग किया गया था। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि पीड़ितों से वसूले गए पैसों को संचालित करने वाले कई प्रमुख बैंक खातों पर कंबोडिया, हांगकांग और चीन में बैठे मास्टरमाइंड का नियंत्रण था।

जांच में एक और गंभीर पहलू सामने आया कि म्यांमार और इसके आसपास के क्षेत्रों में बने परिसरों को डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी का प्रमुख केंद्र पाया गया। यहां ले जाए गए कई भारतीय नागरिकों को जबरन कॉल सेंटर में काम करवाकर साइबर क्राइम में शामिल किया जाता था।

सीबीआई के अनुसार, कई सबूतों के आधार पर आईपीसी और आईटी अधिनियम के तहत निर्धारित 60 दिनों की अवधि में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। एजेंसी अब भी अन्य साजिशकर्ताओं, मनी-म्यूल हैंडलरों और विदेशी नेटवर्क की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है। जो लोग भी इसमें शामिल हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सीबीआई के अनुसार जांच में पता चला है कि कुछ लोग विदेश में भी बैठकर इस गिरोह में काम कर रहे हैं। जितने भी आईपी पते मिल रहे हैं, सबकी जांच की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी क्या है?
डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी एक प्रकार का ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला है, जहां पीड़ितों को डराकर उनसे पैसे वसूले जाते हैं।
सीबीआई ने कितने लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है?
सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
इस धोखाधड़ी नेटवर्क का क्या मुख्य उद्देश्य था?
इस धोखाधड़ी नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों से पैसे वसूलना था।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है?
हाँ, सीबीआई अन्य साजिशकर्ताओं और विदेशी नेटवर्क की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है।
क्या इस मामले में कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध हैं?
जी हाँ, जांच में पता चला है कि इस साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मास्टरमाइंड विदेशों में भी सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले