चुनाव आयोग पर BJP का कब्जा: कांग्रेस सांसद चमाला रेड्डी का तीखा हमला, बोले — 'जनता वीजा देकर गुजरात भेजेगी'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने 17 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग को नियंत्रण में लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि 'वोट चोरी और गद्दी चोरी' भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आदत बन चुकी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस दिन जनता जागेगी, वह वीजा देकर BJP नेताओं को गुजरात वापस भेज देगी। कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) अपनी स्वतंत्रता खो चुके हैं।
चमाला रेड्डी के आरोप: वोट मैनेजमेंट की साजिश
कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा, 'जब जनता के साथ धोखा किया जाएगा, जब लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ की जाएगी, तो बड़े-बड़े नेता गिर जाते हैं — फिर मोदी और अमित शाह कोई बड़ी बात नहीं हैं।' उन्होंने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर निशाना साधते हुए कथित तौर पर कहा कि वे 50 साल तक सत्ता में बने रहने की सोच के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जरिए वोट मैनेजमेंट कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 'जिस दिन जनता सोचेगी, उस दिन सीधे वीजा देकर घर वापस गुजरात मॉडल में बैठा देगी।' यह टिप्पणी विपक्षी राजनीति में प्रचलित उस शैली का हिस्सा है जिसमें 'गुजरात वापसी' का संकेत केंद्रीय नेतृत्व को दिया जाता है।
संसद के शीतकालीन सत्र पर रुख: पहले बातचीत, फिर विधेयक
संसद के शीतकालीन सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने की संभावित कवायद पर चमाला रेड्डी ने कहा कि पहले सभी राजनीतिक दलों से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले ही पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। उनका कहना था कि सभी दलों की सहमति लिए बिना 'बुलडोजर चलाने' की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
हनुमंत राव के आरोप: संस्थाओं की स्वायत्तता खतरे में
कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने कहा कि लाखों वोटों की कथित चोरी की जांच नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि चयन समिति में पहले प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और मुख्य न्यायाधीश होते थे, लेकिन अब मुख्य न्यायाधीश को हटाकर सरकार के पसंदीदा व्यक्ति को जोड़ दिया गया, जिससे '2-1 का बहुमत' सरकार के पक्ष में हो गया।
उन्होंने दावा किया कि इसी कारण राहुल गांधी को चयन समिति में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उनके अनुसार, CBI का उपयोग केवल विरोधी सरकारों को गिराने के लिए और ED का उपयोग विरोधियों को डराने के लिए किया जा रहा है — ये 'प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाइयाँ' हैं।
राहुल गांधी और सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ
हनुमंत राव ने कहा कि राहुल गांधी डरने वाले नहीं हैं और वे 'न्याय योद्धा' हैं। उन्होंने बताया कि वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस संदर्भ में शिकायत दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर विपक्ष पहले भी सर्वोच्च न्यायालय जा चुका है, और यह मामला संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता की व्यापक बहस से जुड़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और विपक्षी दल मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर सवाल उठा रहे हैं।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के इन आरोपों के बाद यह देखना होगा कि चुनाव आयोग या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं। सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं की सुनवाई की तारीख भी महत्वपूर्ण होगी। संसद के शीतकालीन सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर सर्वदलीय बैठक की माँग को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं।