चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड फेंकने के दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों के पास से एक हथगोला और पिस्तौल बरामद हुई।
- आईएसआई समर्थित विदेशी हैंडलर्स ने हमले की योजना बनाई थी।
- गुरतेज सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर से संपर्क किया।
- हमले की योजना में कई सब-मॉड्यूल शामिल थे।
चंडीगढ़, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर और हरियाणा पुलिस की मदद से चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर हथगोला फेंकने वाले दो प्रमुख आरोपियों को पकड़ लिया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है; दोनों रोपड़ के रतनगढ़ के निवासी हैं। उन्हें हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया गया। आरोपी अमनप्रीत सिंह का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें मोहाली और हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में चोरी और छीना-झपटी की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज है।
इनकी गिरफ्तारी पांच अन्य आरोपियों, बलविंदर लाल, जसवीर सिंह, चरणजीत सिंह, रुबल चौहान और मनदीप की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई है। इन आरोपियों के पास से एक हथगोला और एक .30 बोर जिगाना पिस्तौल भी बरामद की गई थी।
डीजीपी यादव ने मीडिया को बताया कि इन दो और गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में शामिल सभी सात आरोपी अब पुलिस की हिरासत में हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों को आईएसआई समर्थित विदेशी हैंडलर, पुर्तगाल में बलजोत सिंह उर्फ जोत और जर्मनी में हरजीत सिंह लाडी ने उकसाया और निर्देशित किया था, और उन्हें हमले को अंजाम देने के लिए 2 लाख रुपए का इनाम देने का वादा किया गया था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अपने विदेशी हैंडलर्स के निर्देशों पर हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों ने हमले को अंजाम देने के लिए कई कटआउट और सब-मॉड्यूल का इस्तेमाल किया।
डीजीपी यादव ने कहा कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी गुरतेज सिंह ने बताया कि लगभग छह महीने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उसका संपर्क एक विदेशी हैंडलर से हुआ था।
डीजीपी ने बताया कि हैंडलर के निर्देशों पर, गुरतेज ने अपने सह-आरोपी रुबल चौहान और मनदीप के साथ मिलकर 28 मार्च को एसबीएस नगर के भारपुर गांव में जसवीर से हथियारों और ग्रेनेड की खेप ली। उन्होंने आगे बताया कि गुरतेज ने अमनप्रीत सिंह को अपने साथ हमले को अंजाम देने के लिए ले गया।
डीजीपी ने कहा कि 1 अप्रैल को, रेकी करने के बाद, अमनप्रीत सिंह ने ग्रेनेड फेंका, जबकि गुरतेज सिंह ने हैंडलर के इशारे पर इस घटना को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।