18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चारबाग रेलवे स्टेशन टिन शेड हादसा: ठेकेदार पर ₹50 लाख जुर्माना, साइट इंजीनियर निलंबित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चारबाग रेलवे स्टेशन टिन शेड हादसा: ठेकेदार पर ₹50 लाख जुर्माना, साइट इंजीनियर निलंबित

सारांश

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर निर्माण के दौरान टिन शेड गिरने से 2 यात्री घायल और 1 कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर। रेलवे प्रशासन ने ठेकेदार पर ₹50 लाख जुर्माना लगाया, साइट इंजीनियर निलंबित और PMC कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त — यात्री सुरक्षा पर रेलवे का कड़ा संदेश।

मुख्य बातें

29 मई 2026 को चारबाग रेलवे स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य के दौरान प्लेटफॉर्म का टिन शेड (सीओपी) गिरा।
हादसे में 2 यात्री मामूली रूप से घायल और 1 कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर हुआ।
RLDA ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया और प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर को निलंबित किया।
निगरानी में लगे PMC के प्रभारी अधिकारी सहित कई कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त कर दी गईं।
उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे ने यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आगे अतिरिक्त सावधानी का आश्वासन दिया।

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान 29 मई 2026 को प्लेटफॉर्म का टिन शेड (सीओपी) गिर गया, जिसमें दो यात्री मामूली रूप से घायल हुए और एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर आया। जाँच पूरी होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया और साइट इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

हादसे का विवरण

उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी कमियाँ सामने आईं, जिसके चलते प्लेटफॉर्म शेड का एक छोटा हिस्सा — जिसे तकनीकी भाषा में सीओपी (COP) कहा जाता है — नीचे आ गया। घटना के समय स्टेशन पर यात्री मौजूद थे, जिससे चोट की आशंका बनी रही। सौभाग्यवश दोनों घायल यात्रियों को मामूली खरोंचें आईं।

रेलवे की कार्रवाई

रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) — जो इस पुनर्विकास परियोजना को संचालित कर रहा है — ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर ₹50 लाख का भारी जुर्माना ठोका है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे पीएमसी (PMC) के कर्मचारियों — जिनमें प्रभारी अधिकारी भी शामिल हैं — की सेवाएँ समाप्त कर दी गई हैं।

परियोजना की पृष्ठभूमि

चारबाग रेलवे स्टेशन इस समय बड़े पैमाने पर पुनर्विकास के दौर से गुज़र रहा है। यह कार्य उत्तरी रेलवे के अंतर्गत आता है, किंतु इसे रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) द्वारा कराया जा रहा है। गौरतलब है कि यही संस्था इससे पहले गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को भी सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण को लेकर पूरे देश में तेज़ी से काम चल रहा है।

सुरक्षा पर रेलवे का रुख

महाप्रबंधक राजेश पांडे ने स्पष्ट किया कि रेलवे इस घटना को एक गंभीर चेतावनी के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे के निर्माण कार्य में हर चरण पर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रेलवे स्टेशन पुनर्विकास की उस तेज़ रफ्तार का नतीजा है जिसमें गुणवत्ता निगरानी अक्सर पीछे छूट जाती है। ₹50 लाख का जुर्माना और निलंबन दिखावटी नहीं लगते, लेकिन असली सवाल यह है कि RLDA की तृतीय-पक्ष निगरानी व्यवस्था इतनी बड़ी चूक को रोकने में क्यों नाकाम रही। जब तक साइट-स्तर पर रियल-टाइम सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य नहीं होते, दंडात्मक कार्रवाई घटना के बाद की प्रतिक्रिया बनी रहेगी — रोकथाम नहीं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारबाग रेलवे स्टेशन पर टिन शेड क्यों गिरा?
उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी कमियों के चलते प्लेटफॉर्म शेड का एक हिस्सा (सीओपी) गिर गया। स्टेशन पर इस समय RLDA के तहत बड़े पैमाने पर पुनर्विकास कार्य चल रहा है।
हादसे में कितने लोग घायल हुए?
हादसे में दो यात्री मामूली रूप से घायल हुए और एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर आया। किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
ठेकेदार पर क्या कार्रवाई की गई?
रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर को निलंबित किया गया और PMC के प्रभारी अधिकारी सहित कई कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त कर दी गई हैं।
चारबाग स्टेशन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी किसकी है?
यह परियोजना उत्तरी रेलवे के अंतर्गत आती है, लेकिन इसे रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) द्वारा संचालित किया जा रहा है — वही संस्था जो पहले गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम भी कर चुकी है।
भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ रोकने के लिए रेलवे क्या कदम उठाएगा?
महाप्रबंधक राजेश पांडे ने आश्वासन दिया है कि आगे के निर्माण कार्य में हर स्तर पर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी और यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। रेलवे इस घटना को एक गंभीर चेतावनी मानकर सभी ज़रूरी सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले