चारबाग रेलवे स्टेशन टिन शेड हादसा: ठेकेदार पर ₹50 लाख जुर्माना, साइट इंजीनियर निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान 29 मई 2026 को प्लेटफॉर्म का टिन शेड (सीओपी) गिर गया, जिसमें दो यात्री मामूली रूप से घायल हुए और एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर आया। जाँच पूरी होने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया और साइट इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
हादसे का विवरण
उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी कमियाँ सामने आईं, जिसके चलते प्लेटफॉर्म शेड का एक छोटा हिस्सा — जिसे तकनीकी भाषा में सीओपी (COP) कहा जाता है — नीचे आ गया। घटना के समय स्टेशन पर यात्री मौजूद थे, जिससे चोट की आशंका बनी रही। सौभाग्यवश दोनों घायल यात्रियों को मामूली खरोंचें आईं।
रेलवे की कार्रवाई
रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) — जो इस पुनर्विकास परियोजना को संचालित कर रहा है — ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर ₹50 लाख का भारी जुर्माना ठोका है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट साइट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे पीएमसी (PMC) के कर्मचारियों — जिनमें प्रभारी अधिकारी भी शामिल हैं — की सेवाएँ समाप्त कर दी गई हैं।
परियोजना की पृष्ठभूमि
चारबाग रेलवे स्टेशन इस समय बड़े पैमाने पर पुनर्विकास के दौर से गुज़र रहा है। यह कार्य उत्तरी रेलवे के अंतर्गत आता है, किंतु इसे रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) द्वारा कराया जा रहा है। गौरतलब है कि यही संस्था इससे पहले गोमती नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को भी सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण को लेकर पूरे देश में तेज़ी से काम चल रहा है।
सुरक्षा पर रेलवे का रुख
महाप्रबंधक राजेश पांडे ने स्पष्ट किया कि रेलवे इस घटना को एक गंभीर चेतावनी के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे के निर्माण कार्य में हर चरण पर अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे।