14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चेंबूर पेड़ हादसा: बीएमसी जांच में दो ठेकेदारों पर ₹7 लाख जुर्माने की सिफारिश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चेंबूर पेड़ हादसा: बीएमसी जांच में दो ठेकेदारों पर ₹7 लाख जुर्माने की सिफारिश

सारांश

चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने की बीएमसी जांच रिपोर्ट सामने आई है — दो एजेंसियों पर ₹7 लाख जुर्माने की सिफारिश के साथ। रिपोर्ट बताती है कि पेड़ की खतरनाक स्थिति की जानकारी महीनों पहले दी जा चुकी थी, फिर भी ज़मीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मुख्य बातें

30 जून 2026 को चेंबूर (पश्चिम) के डायमंड गार्डन के पास स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरा था।
बीएमसी जांच समिति ने मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड पर ₹5 लाख और महिमतुरा कंसल्टेंट पर ₹2 लाख जुर्माने की सिफारिश की।
उद्यान विभाग ने 9 अप्रैल 2025 और 27 जनवरी 2026 को पेड़ की जोखिम स्थिति की पूर्व सूचना दी थी।
28 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में करीब 1,158 पेड़ और शाखाएँ गिरने की घटनाएँ दर्ज हुईं।
समिति ने जीआईएस आधारित ट्री रिकॉर्ड , नियमित ट्री रिस्क असेसमेंट और स्थानीय प्रजातियों के रोपण की सिफारिश की।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने रिपोर्ट की सिफारिशें तत्काल लागू करने के निर्देश दिए।

मुंबई के चेंबूर (पश्चिम) स्थित डायमंड गार्डन के निकट 30 जून 2026 को स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने की घटना की जांच रिपोर्ट बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिडे को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में दो एजेंसियों पर कुल ₹7 लाख के जुर्माने की सिफारिश की गई है और आयुक्त ने समिति के निष्कर्षों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

जुर्माने की सिफारिश: किस पर कितना

जांच समिति ने पेड़ों की सुरक्षा का ठेका संभाल रहे मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड पर ₹5 लाख और तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहे महिमतुरा कंसल्टेंट पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाने की अनुशंसा की है। समिति का मत है कि ठेकेदार ने पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए, जबकि सलाहकार ने कार्यों की निगरानी में अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती।

मुख्य घटनाक्रम: पहले से थी चेतावनी

जांच रिपोर्ट के अनुसार, उद्यान विभाग ने 9 अप्रैल 2025 और 27 जनवरी 2026 को संबंधित पेड़ की सुरक्षा को लेकर सड़क विभाग को पूर्व में ही सूचित कर दिया था। इसके बाद सड़क विभाग ने 9 मार्च 2026 को ठेकेदार को आवश्यक सावधानी बरतने के लिखित निर्देश भी दिए थे। बावजूद इसके, जांच में स्पष्ट हुआ कि ज़मीनी स्तर पर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

गौरतलब है कि यह हादसा मानसून की तीव्र बारिश के दौरान हुआ। 28 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में करीब 1,158 पेड़ और शाखाएँ गिरने की घटनाएँ दर्ज की गईं। वनस्पति और उद्यान विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष पेड़ के गिरने के कई संभावित कारण थे। समिति ने माना कि ऐसे में ठेकेदार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा, किंतु सावधानी की कमी के आधार पर जुर्माने की सिफारिश की गई।

सलाहकार की भूमिका पर सवाल

महिमतुरा कंसल्टेंट को परियोजना की तकनीकी निगरानी और पर्यवेक्षण की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच समिति के अनुसार, सलाहकार को समय-समय पर ठेकेदार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने और कार्यों पर कड़ी नज़र रखने की अपेक्षा थी, जो पर्याप्त रूप से नहीं हुई। इसी आधार पर उस पर ₹2 लाख के जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है।

भविष्य के लिए समिति के सुझाव

जांच समिति ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई महत्त्वपूर्ण अनुशंसाएँ की हैं:

मानसून से पूर्व और पश्चात विशेषज्ञों के पैनल द्वारा नियमित ट्री रिस्क असेसमेंट कराने, सड़क किनारे के समस्त पेड़ों का जीआईएस आधारित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर उसे नियमित रूप से अद्यतन करने की बात कही गई है। इसके अलावा खुदाई और अवसंरचना परियोजनाओं के दौरान पेड़ों की जड़ों की वैज्ञानिक विधि से सुरक्षा, आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित पेड़ों का प्रत्यारोपण और भविष्य में सड़क किनारे स्थानीय एवं कम ऊँचाई वाली प्रजातियों को रोपण में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है।

समिति ने पेड़ों की जड़ों के आसपास पर्याप्त मिट्टी और जल की उपलब्धता बनाए रखने तथा अनावश्यक कंक्रीटीकरण से बचने की भी सिफारिश की है। अब देखना यह होगा कि बीएमसी इन सुझावों को अगले मानसून से पहले किस हद तक अमल में लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विफलता का है — उद्यान विभाग ने महीनों पहले चेतावनी दी, सड़क विभाग ने लिखित निर्देश भी दिए, फिर भी ज़मीनी स्तर पर कुछ नहीं हुआ। ₹7 लाख का जुर्माना प्रतीकात्मक है; असली सवाल यह है कि बीएमसी की बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली इतनी स्पष्ट चेतावनियों के बावजूद विफल क्यों रही। जब तक जीआईएस ट्री रिकॉर्ड और मानसून-पूर्व जोखिम आकलन केवल कागज़ों तक सीमित रहेंगे, अगले मानसून में ऐसी दुर्घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 30 जून 2026 को मुंबई के चेंबूर (पश्चिम) स्थित डायमंड गार्डन के निकट हुई, जब एक पीपल का पेड़ स्कूल बस पर गिर गया।
बीएमसी जांच में किन ठेकेदारों पर जुर्माने की सिफारिश की गई है?
जांच समिति ने मेसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड पर ₹5 लाख और तकनीकी निगरानी एजेंसी महिमतुरा कंसल्टेंट पर ₹2 लाख — कुल ₹7 लाख — जुर्माने की सिफारिश की है।
क्या इस पेड़ के खतरे की पूर्व सूचना दी गई थी?
हाँ, उद्यान विभाग ने 9 अप्रैल 2025 और 27 जनवरी 2026 को सड़क विभाग को पेड़ की जोखिम स्थिति की जानकारी दी थी। सड़क विभाग ने 9 मार्च 2026 को ठेकेदार को लिखित निर्देश भी दिए, लेकिन पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई।
बीएमसी ने भविष्य में पेड़ गिरने की घटनाएँ रोकने के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
समिति ने मानसून से पहले और बाद में नियमित ट्री रिस्क असेसमेंट , जीआईएस आधारित डिजिटल ट्री रिकॉर्ड , जड़ों की वैज्ञानिक सुरक्षा, प्रत्यारोपण की व्यवस्था और सड़क किनारे स्थानीय व कम ऊँचाई वाली प्रजातियों के रोपण की सिफारिश की है।
मुंबई में उस दौरान कितने पेड़ गिरने की घटनाएँ हुईं?
28 जून से 5 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में तेज़ बारिश और मौसम के कारण करीब 1,158 पेड़ और शाखाएँ गिरने की घटनाएँ दर्ज की गईं। जांच समिति ने इसे संदर्भ में रखते हुए ठेकेदार को पूर्णतः जिम्मेदार ठहराने से परहेज़ किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 महीने पहले