मुंबई मेयर पर आदित्य ठाकरे का हमला: गृह मंत्रालय पर ध्यान, मुंबईवासी बेहाल — चेंबूर में 11 वर्षीय बच्चे की मौत
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने 1 जुलाई 2026 को मुंबई की भाजपा मेयर रितु तावडे पर तीखा हमला बोला और कहा कि चेंबूर पश्चिम में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत मानसून-पूर्व तैयारियों की घोर विफलता का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर मुंबईवासियों की बजाय बांग्लादेश और गृह मंत्रालय से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
30 जून 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे, डायमंड गार्डन, चेंबूर पश्चिम स्थित हरिताज प्रीतम बिल्डिंग के पास रोड नंबर 11 पर 'यूनिवर्सल हाई स्कूल' की एक बस पर 60 से 70 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। बस में सवार 13 बच्चे फंस गए। मुंबई अग्निशमन विभाग, बस चालक और स्थानीय नागरिकों ने तत्काल बचाव कार्य कर 12 बच्चों को सुरक्षित निकाला और उन्हें एम्बुलेंस से नज़दीकी अस्पताल भेजा। इनमें से 4 छात्रों को मामूली चोटें आईं, जबकि 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आदित्य ठाकरे की प्रतिक्रिया
आदित्य ठाकरे ने कहा, 'पिछले 24 घंटों में मुंबई भर में गिरे पेड़ों की संख्या इस बात का प्रमाण है कि हम क्या कहते आ रहे हैं — मुंबई में मानसून से पहले का काम नहीं हुआ।' उन्होंने यह भी कहा कि भारत के सबसे अधिक कर देने वाले शहर को ऐसे अक्षम प्रशासन का सामना करना पड़ रहा है, जिसे शासन करना नहीं आता। उनके अनुसार, 'पिछले 12 वर्षों में भाजपा द्वारा शासित एक भी ऐसा शहर नहीं है जिसने केंद्र और राज्य के समर्थन के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया हो।'
ठाकरे ने यह भी बताया कि नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडनेकर स्वयं गंदे नालों, अधूरे सड़क निर्माण कार्यों और चिंताजनक स्थानों का दौरा कर रही हैं, जबकि सत्ताधारी दल अपने चहेते ठेकेदारों पर ध्यान केंद्रित किए हुए है।
बृहन्मुंबई नगर निगम का पक्ष
नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे ने इस घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। घटना की जाँच के लिए एक जाँच समिति गठित की गई है, जिसे आठ दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। समिति को विशेषज्ञों की सलाह लेने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सिफारिशें करने को कहा गया है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, इस पेड़ का सर्वेक्षण 12 मई 2026 को पूरा हुआ था और बाहरी निरीक्षण में पेड़ अच्छी स्थिति में पाया गया था। मानसून-पूर्व प्रक्रिया के तहत 29 मई 2026 को पेड़ की छंटाई भी की गई थी। जनवरी 2026 में एम पश्चिम डिवीजन के सहायक आयुक्त ने क्षेत्र में सड़क किनारे के कार्यों का निरीक्षण और आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे। इस पेड़ के संबंध में घटना से पहले कोई आधिकारिक सार्वजनिक शिकायत दर्ज नहीं थी।
आम मुंबईवासियों पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब मुंबई में मानसून की शुरुआत के साथ पेड़ गिरने की घटनाएँ बढ़ी हैं। गौरतलब है कि BMC का पार्क विभाग हर वर्ष मानसून-पूर्व पेड़ों की छंटाई करता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह प्रक्रिया पर्याप्त नहीं है, विशेष रूप से दशकों पुराने पेड़ों के मामले में। एक बच्चे की मौत ने शहर के नागरिकों में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा किया है।
क्या होगा आगे
जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर BMC से जवाबदेही तय होने की उम्मीद है। राजनीतिक दबाव के बीच यह देखना होगा कि मेयर रितु तावडे मानसून-पूर्व तैयारियों की समीक्षा कैसे करती हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे को आगामी दिनों में और मुखर रूप से उठाने की तैयारी में हैं।