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छपरा-आनंद विहार साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू, बिहार को मिलेंगी 200 नई ट्रेनें और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी

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छपरा-आनंद विहार साप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू, बिहार को मिलेंगी 200 नई ट्रेनें और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी

सारांश

छपरा को दिल्ली से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिली, साथ ही बिहार को 7-8 वर्षों में 200 नई ट्रेनें, ₹1.15 लाख करोड़ की चल रही परियोजनाएँ और दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की मंजूरी — रेल मंत्री वैष्णव ने एक ही मंच से बिहार के लिए रेलवे के नए युग का खाका खींचा।

मुख्य बातें

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 जून 2026 को छपरा-आनंद विहार साप्ताहिक ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया।
बिहार को अगले 7-8 वर्षों में 200 से अधिक नई ट्रेनें मिलेंगी; राज्य में ₹1.15 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाएँ प्रगति पर।
दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी; पटना-दिल्ली यात्रा समय घटकर 4 घंटे 41 मिनट होगा।
मरहौरा कारखाने से गिनी को 140 लोकोमोटिव की आपूर्ति का ₹3,000 करोड़ का सौदा अगले तीन वर्षों में पूरा होगा।
छपरा में दो हवाई अड्डे विकसित होंगे; राज्य में 10 हरित शहर स्थापित करने की योजना।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को छपरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) के बीच नई साप्ताहिक रेल सेवा का उद्घाटन किया। इस मौके पर रेल मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से दो अतिरिक्त रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई — एक मौल को दिल्ली से और दूसरी जहीरघाट को वाराणसी से जोड़ने वाली।

उद्घाटन समारोह और उपस्थित नेता

छपरा जंक्शन पर आयोजित इस समारोह में सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी और महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सांसद रूडी ने इस सेवा को क्षेत्र की लंबे समय से लंबित माँग की पूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि पहले यात्रियों को दिल्ली के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी पाने हेतु सोनपुर या वाराणसी जाना पड़ता था।

बिहार को अगले 7-8 वर्षों में 200 नई ट्रेनें

सभा को संबोधित करते हुए वैष्णव ने घोषणा की कि एक बड़ी रेल विस्तार योजना के तहत बिहार को अगले सात से आठ वर्षों में 200 से अधिक नई ट्रेनें मिलेंगी। उन्होंने बताया कि राज्य में ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक की रेलवे अवसंरचना परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार के रेलवे बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे पूरे राज्य में रेल अवसंरचना का तेज़ी से आधुनिकीकरण संभव हो पाया है।

दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी

रेल मंत्री ने बताया कि दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। एक बार चालू होने पर यह हाई-स्पीड रेल परियोजना पटना और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटाकर मात्र 4 घंटे 41 मिनट कर देगी। भविष्य में इस कॉरिडोर को सिलीगुड़ी तक विस्तारित करने की भी योजना है।

मरहौरा से गिनी को 140 लोकोमोटिव का निर्यात सौदा

रेलवे विनिर्माण में बिहार की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए वैष्णव ने बताया कि मरहौरा डीजल लोकोमोटिव कारखाने में निर्मित लोकोमोटिव गिनी को निर्यात किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष मुंद्रा बंदरगाह के माध्यम से गिनी को 4 लोकोमोटिव निर्यात किए गए थे। मई 2025 में गिनी के मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा मरहौरा कारखाने का दौरा करने के बाद 140 लोकोमोटिव के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता अंतिम रूप दिया गया। ₹3,000 करोड़ की इस निर्यात परियोजना के तहत बिहार में निर्मित लोकोमोटिव अगले तीन वर्षों में गिनी को आपूर्ति किए जाएँगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विज़न

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सूचना प्रौद्योगिकी, उद्योग और अवसंरचना के क्षेत्रों में एक नई पहचान की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि छपरा में दो हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है और सरकार की योजना राज्य भर में 10 हरित शहर स्थापित करने की है। यह घोषणाएँ ऐसे समय में आई हैं जब बिहार में बड़े पैमाने पर अवसंरचना निवेश की गति तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ आई घोषणाओं का पैमाना कहीं बड़ा है — ₹1.15 लाख करोड़ की चल रही परियोजनाएँ, 200 नई ट्रेनें और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर। यह ध्यान देने योग्य है कि बिहार चुनावी दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और ये घोषणाएँ राजनीतिक कैलेंडर के करीब आई हैं। असली कसौटी यह होगी कि ₹1.15 लाख करोड़ की परियोजनाओं में से कितनी समयसीमा पर पूरी होती हैं और 200 नई ट्रेनों की घोषणा में कितनी नई सेवाएँ हैं और कितनी पुरानी घोषणाओं की पुनरावृत्ति। मरहौरा से गिनी को लोकोमोटिव निर्यात का ₹3,000 करोड़ का सौदा निस्संदेह ठोस उपलब्धि है, जो बिहार को रेलवे विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर रखती है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छपरा-आनंद विहार ट्रेन सेवा क्या है और यह कब शुरू हुई?
यह छपरा जंक्शन रेलवे स्टेशन और दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई साप्ताहिक रेल सेवा है, जिसका उद्घाटन 19 जून 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इससे सारण और आसपास के जिलों के यात्रियों को दिल्ली के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिली है।
बिहार को कितनी नई ट्रेनें मिलेंगी और कब तक?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार बिहार को अगले सात से आठ वर्षों में 200 से अधिक नई ट्रेनें मिलेंगी। यह घोषणा एक बड़ी रेल विस्तार योजना के तहत की गई है, जिसमें राज्य में ₹1.15 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ पहले से प्रगति पर हैं।
दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से यात्रा समय कितना कम होगा?
दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। एक बार चालू होने पर पटना और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 4 घंटे 41 मिनट रह जाएगा। भविष्य में इस कॉरिडोर को सिलीगुड़ी तक भी विस्तारित करने की योजना है।
मरहौरा कारखाने से गिनी को लोकोमोटिव निर्यात का सौदा कितने का है?
मरहौरा डीजल लोकोमोटिव कारखाने से गिनी को 140 लोकोमोटिव आपूर्ति का ₹3,000 करोड़ का सौदा अंतिम रूप दिया गया है। यह समझौता मई 2025 में गिनी के मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल के मरहौरा दौरे के बाद हुआ और अगले तीन वर्षों में पूरा होगा।
छपरा में अवसंरचना विकास की क्या योजनाएँ हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि छपरा में दो हवाई अड्डे विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार की योजना बिहार भर में 10 हरित शहर स्थापित करने की है, जो IT, उद्योग और अवसंरचना के क्षेत्र में राज्य की नई पहचान बनाने के लक्ष्य का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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