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भूपेश बघेल का BJP सरकार पर हमला: 'बेमेतरा में रमन सिंह की फटकार बताती है, छत्तीसगढ़ में सब ठीक नहीं'

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भूपेश बघेल का BJP सरकार पर हमला: 'बेमेतरा में रमन सिंह की फटकार बताती है, छत्तीसगढ़ में सब ठीक नहीं'

सारांश

बेमेतरा में रमन सिंह की अधिकारियों पर खुलेआम फटकार को भूपेश बघेल ने BJP सरकार की आंतरिक दरार का सबूत बताया। खाद की किल्लत, बिजली संकट और ईंधन की कमी — बघेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सरकारी तंत्र चरमरा चुका है।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 1 जून 2026 को दुर्ग में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को पूरी तरह विफल बताया।
31 मई को बेमेतरा में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में कलेक्टर और एसपी को सार्वजनिक रूप से फटकारा था।
बघेल के अनुसार किसानों को डीएपी, यूरिया और पोटाश उपलब्ध नहीं हो रही; बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है।
पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी से परिवहन और खेती दोनों प्रभावित होने की आशंका।
मुख्यमंत्री साय के 'कोई कमी नहीं' वाले बयान पर बघेल ने व्यंग्य किया — 'बस लोगों को मिल नहीं रही है।' हिमाचल प्रदेश सड़क हादसे में चंद्राकर परिवार को हुई क्षति पर बघेल ने शोक व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 1 जून 2026 को दुर्ग में राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उनका निशाना बेमेतरा में 31 मई को आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह में हुई उस घटना पर था, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कलेक्टर और एसपी को खुलेआम फटकार लगाई थी। बघेल ने कहा कि यह घटना इस बात का 'साफ संकेत' है कि प्रदेश में सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।

बेमेतरा की घटना: क्या हुआ था

31 मई को बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं उपस्थित थे। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से असंतुष्ट विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने मंच से ही कलेक्टर और एसपी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप तैयारियाँ नहीं की गईं और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसी अव्यवस्था पहले कभी नहीं देखी।

बघेल ने इस प्रकरण की व्याख्या करते हुए कहा कि रमन सिंह भले ही अधिकारियों को डाँट रहे थे, लेकिन उनका असली इशारा सीधे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की ओर था। उन्होंने कहा, 'रमन सिंह ने तो साफ संदेश दे दिया कि तुमसे सत्ता संभाले नहीं संभल रही है। प्रदेश में सबसे अनुभवी नेता वही हैं — 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं और आज विधानसभा अध्यक्ष हैं। अगर वही इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि सब कुछ सही नहीं चल रहा है।'

किसानों की समस्याएँ और खाद की किल्लत

बघेल ने राज्य में किसानों की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार खेती का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन किसानों को अब तक डीएपी, यूरिया और पोटाश जैसी आवश्यक खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति में व्यवधान से खेती-किसानी और बाधित हो रही है।

उन्होंने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी का भी उल्लेख किया और कहा कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो स्कूल-कॉलेज खुलने पर बच्चों के आवागमन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री के बयान पर कटाक्ष

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि प्रदेश में धान, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और सरकार स्थिति पर पूरी नज़र रखे हुए है। इस पर बघेल ने व्यंग्यपूर्वक कहा, 'बिल्कुल सही बात है, किसी चीज़ की कमी नहीं है — बस लोगों को मिल नहीं रही है।'

केंद्र सरकार और CBSE पर भी हमला

बघेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा CBSE उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं और सरकार एक परीक्षा तक सही तरीके से आयोजित नहीं करा पा रही।

हिमाचल सड़क हादसे पर दुख

हिमाचल प्रदेश में हुए सड़क हादसे पर बघेल ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में चंद्राकर परिवार को बड़ी क्षति हुई है। घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से संपर्क किया। दुर्घटना स्थल अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में था और स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस ने काफी प्रयासों के बाद शव बाहर निकाले।

यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के भीतर और प्रशासनिक स्तर पर टकराव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में विपक्ष इन मुद्दों को और धार देने की कोशिश करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह स्वाभाविक है — लेकिन असली सवाल यह है कि खाद, ईंधन और बिजली की कमी जैसी बुनियादी समस्याएँ खेती के मौसम में क्यों उभर रही हैं। सरकार को बयानबाजी से आगे बढ़कर इन ज़मीनी विफलताओं का जवाब देना होगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेमेतरा में रमन सिंह ने अधिकारियों को क्यों फटकारा?
31 मई को बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह की व्यवस्थाएँ खराब थीं। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप तैयारियाँ नहीं हुईं और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसी अव्यवस्था पहले नहीं देखी।
भूपेश बघेल ने इस घटना को क्यों मुद्दा बनाया?
बघेल ने कहा कि रमन सिंह की फटकार दरअसल मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल है। उनके अनुसार यह घटना यह साबित करती है कि भाजपा सरकार के भीतर और प्रशासनिक स्तर पर टकराव की स्थिति बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ में किसानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
बघेल के अनुसार खेती के मौसम की शुरुआत के बावजूद किसानों को डीएपी, यूरिया और पोटाश खाद नहीं मिल रही। बिजली आपूर्ति में भी व्यवधान है, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आपूर्ति संकट पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री साय ने कहा था कि प्रदेश में धान, खाद और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और सरकार स्थिति पर पूरी नज़र रखे हुए है। बघेल ने इस बयान पर व्यंग्य करते हुए कहा कि 'कमी नहीं है, बस लोगों को मिल नहीं रही।'
बघेल ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाए?
बघेल ने राहुल गांधी के CBSE मूल्यांकन संबंधी सवालों का समर्थन करते हुए कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएँ लगातार हो रही हैं और केंद्र सरकार एक परीक्षा तक सही ढंग से नहीं करा पा रही।
राष्ट्र प्रेस
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