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पी चिदंबरम के लिए नई चुनौतियाँ: एयरसेल-मैक्सिस मामले में अभियोजन स्वीकृति आदेश कोर्ट में पेश

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पी चिदंबरम के लिए नई चुनौतियाँ: एयरसेल-मैक्सिस मामले में अभियोजन स्वीकृति आदेश कोर्ट में पेश

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने एयरसेल-मैक्सिस डील में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति आदेश को कोर्ट में प्रस्तुत किया है। इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने के लिए एजेंसी प्रयासरत है।

मुख्य बातें

पी चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अभियोजन स्वीकृति आदेश पेश किया गया।
जांच में अवैध धनराशि के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में ईडी ने कार्रवाई की।
मामले की सुनवाई राऊज एवेन्यू कोर्ट में होगी।
यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त अभियोजन स्वीकृति आदेश को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर दिया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा 9 अक्टूबर 2011 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी, जो एयरसेल-मैक्सिस प्रकरण से संबंधित है। उक्त एफआईआर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी और धारा 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 8, 13(2) और 13(1)(डी) के तहत दर्ज की गई थी।

जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कथित रूप से 'क्विड प्रो क्वो' के तहत एयरसेल-मैक्सिस को एफआईपीबी (एफआईपीबी) की स्वीकृति दी। इस सौदे में विदेशी निवेशक मैक्सिस द्वारा 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 3565.91 करोड़ रुपये) के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए सरकारी अनुमति मांगी गई थी, जिसका अधिकार मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) के पास था। आरोप है कि 20 मार्च 2006 को तत्कालीन वित्त मंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित अवैध धनराशि 1.16 करोड़ रुपये कार्ति पी चिदंबरम की कंपनियों, मेसर्स एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) और मेसर्स चेस मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (सीएमएसपीएल) को प्राप्त हुई। एजेंसी के अनुसार पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम के बीच वित्तीय लेन-देन के प्रमाण मिले हैं और एएससीपीएल के फंड का उपयोग पी चिदंबरम के हित में भी किया गया।

ईडी ने 23 सितंबर 2017 को पीएओ संख्या 04/2017 के तहत 1.16 करोड़ रुपये की कथित अपराध की आय को अस्थायी रूप से संलग्न किया था, जिसकी पुष्टि 12 मार्च 2018 को निर्णायक प्राधिकारी द्वारा की गई। इसके बाद 13 जून को पीएमएलए की धाराओं 44 और 45 के तहत अभियोजन शिकायत और 25 अक्टूबर 2018 को पूरक अभियोजन शिकायत राऊज एवेन्यू कोर्ट में दायर की गई, जिसमें पी चिदंबरम को आरोपी संख्या-6 के रूप में नामित किया गया।

विशेष अदालत ने 27 नवंबर 2021 को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान लिया। प्रवर्तन निदेशालय मामले की सुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास कर रहा है।

गौरतलब है कि 6 नवंबर 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने डायरेक्टोरेट ऑफ़ एनफोर्समेंट बनाम बिभु प्रसाद आचार्य आदि (आपराधिक अपील सं. 4314-4316/2024) मामले में निर्णय देते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197(1) के तहत अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता पीएमएलए, 2002 की धारा 44(1)(बी) के अंतर्गत दायर शिकायतों पर भी लागू होती है। इस निर्णय के बाद कई आरोपियों ने विभिन्न न्यायिक मंचों पर कार्यवाही को चुनौती दी, जिससे मुकदमे की प्रगति में बाधा आई।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में और सुनवाई में विलंब को दूर करने के उद्देश्य से प्रवर्तन निदेशालय ने संबंधित मामलों में लोक सेवकों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी क्रम में इस मामले में सक्षम प्राधिकारी से 10 फरवरी 2026 को पी चिदंबरम के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्राप्त की गई, साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 197 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218) के तहत आदेश भी जारी किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय ने उक्त अभियोजन स्वीकृति आदेश राऊज एवेन्यू में पेश कर दिया है, ताकि मामले की सुनवाई को गति दी जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कितनी गंभीर है। हालांकि, इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा सकता है। यह एक जटिल मामला है, जिसमें कई कानूनी पहलू हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयरसेल-मैक्सिस मामला क्या है?
यह मामला एयरसेल और मैक्सिस के बीच एक डील से संबंधित है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं।
पी चिदंबरम पर क्या आरोप हैं?
उन्हें एयरसेल-मैक्सिस सौदे में अवैध धनराशि के लेन-देन के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
ईडी की कार्रवाई का क्या महत्व है?
ईडी की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की गंभीरता को दर्शाती है और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कानून का पालन हो।
इस मामले में अगला कदम क्या होगा?
इस मामले की सुनवाई राऊज एवेन्यू कोर्ट में होगी, और अभियोजन के अगले चरण पर निर्णय लिया जाएगा।
क्या पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया जाएगा?
अभी तक गिरफ्तारी का कोई आदेश नहीं है, लेकिन सुनवाई के परिणामों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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