पुणे-सोलापुर हाईवे पर मिर्च पाउडर डालकर ₹5.95 लाख की लूट, तीन बदमाश फरार
सारांश
मुख्य बातें
पुणे-सोलापुर हाईवे पर 6 नवंबर 2026 को एक सुनियोजित डकैती की वारदात सामने आई, जिसमें तीन अज्ञात बदमाशों ने 24 वर्षीय पवन अशोक पाटिल की आँखों में मिर्च पाउडर झोंककर उनसे ₹5,95,600 नकद लूट लिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी वारदात के तुरंत बाद पुणे की दिशा में भाग निकले और अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
वारदात का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार यह घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे पुणे जिले की दौंड तहसील के सहजपुर गाँव के निकट हुई। पवन पाटिल, जो हवेली, पुणे के निवासी हैं, उस समय अपने क्षेत्र की चार इलेक्ट्रिकल दुकानों से भुगतान की राशि एकत्र करने के बाद घर लौट रहे थे।
बदमाशों ने काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर पाटिल की कार का पीछा किया और उन्हें रास्ते में रोक लिया। तीनों ने भूमिका बाँटकर वारदात को अंजाम दिया — एक बदमाश ने पीड़ित को काबू में रखा, दूसरे ने कार का स्टोरेज कंपार्टमेंट खोलने की कोशिश की, और तीसरे ने पाटिल की आँखों में मिर्च पाउडर डाल दिया।
आँखों में जलन से बेबस हुए पीड़ित का फायदा उठाकर बदमाशों ने कार का स्टोरेज कंपार्टमेंट जबरन तोड़ा और उसमें रखे बैग से ₹5,95,600 निकालकर फरार हो गए।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएँ
इस मामले में यवत पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4), 126(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी है। आरोपियों के वाहन और फरार होने की दिशा के आधार पर जाँच की जा रही है।
देशभर में बढ़ती मिर्च पाउडर लूट की घटनाएँ
गौरतलब है कि मिर्च पाउडर का इस्तेमाल कर लूटपाट की घटनाएँ हाल के वर्षों में कई शहरों में चिंता का विषय बन चुकी हैं। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने राजधानी में एक ऐसे गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनमें गिरोह का मास्टरमाइंड भी शामिल था। उस मामले में आरोपियों के पास से ₹30.23 लाख नकद बरामद हुए थे।
वह मामला उत्तरी दिल्ली के गुलाबी बाग अंडरपास के पास एक स्कूटर सवार व्यक्ति की आँखों में मिर्च पाउडर डालकर कथित तौर पर ₹70 लाख लूटने की घटना से जुड़ा था। इस पैटर्न की पुनरावृत्ति यह संकेत देती है कि ये वारदातें अवसरवादी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से की जाती हैं।
आम लोगों पर असर और सतर्कता की ज़रूरत
नकद लेन-देन करने वाले व्यापारी, एजेंट और आम नागरिक इस तरह की वारदातों के प्रमुख निशाने बनते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी नकद राशि ले जाते समय डिजिटल भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल और हाईवे पर सतर्क रहना ज़रूरी है। पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध वाहनों की सूचना तुरंत दें।
आरोपियों की गिरफ्तारी और इस गिरोह के और सदस्यों का पर्दाफाश होना इस मामले का अगला अहम पड़ाव होगा।