10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी को सशक्त करने के लिए रिटर्निंग अधिकारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। जानिए इस प्रशिक्षण के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण ऑनलाइन मूल्यांकन और दुविधा-निवारण सत्र ईसीआईनेट ऐप का उपयोग चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों की संख्या

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनावों की तैयारियों को मजबूती प्रदान करने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। आयोग ने रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों के लिए 9 और 10 अक्टूबर को एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नामांकन प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसमें ऑनलाइन मूल्यांकन और दुविधा-निवारण सत्र भी शामिल थे। आयोग ने ईसीआईनेट के पीठासीन अधिकारी मॉड्यूल पर जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को भी जानकारी दी।

प्रशिक्षण में 243 रिटर्निंग अधिकारियों और 1418 सहायक रिटर्निंग अधिकारियों ने इस वर्चुअल सत्र में भाग लिया। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 21 और 24 के तहत, आयोग प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए रिटर्निंग अधिकारियों को नियुक्त करता है ताकि चुनाव कानूनों और नियमों के अनुसार सुचारू रूप से कार्यवाही हो सके। ये अधिकारी आयोग के नियंत्रण और अनुशासन के अधीन होते हैं।

प्रशिक्षण में नामांकन, उम्मीदवारों की योग्यता-अयोग्यता, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी), प्रतीक आवंटन, मतदान दिवस की व्यवस्था और मतगणना जैसे सभी चरणों को शामिल किया गया। राष्ट्रीय स्तर के मास्टर प्रशिक्षक इन सत्रों में अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करेंगे, ताकि वे चुनाव प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

आयोग ने ईसीआईनेट के पीठासीन अधिकारी मॉड्यूल पर भी जानकारी दी, जिसके तहत पीठासीन अधिकारी हर दो घंटे में और मतदान समाप्त होने पर ईसीआईनेट ऐप पर वोटर टर्नआउट डेटा अपलोड करेंगे। यह डेटा रिटर्निंग अधिकारी स्तर पर स्वचालित रूप से संकलित होगा, जिससे रियल-टाइम मतदान रुझान उपलब्ध होंगे। मतदान से पहले सभी मतदान केंद्रों पर इस एप्लीकेशन का ट्रायल रन भी किया जाएगा। ये सत्र राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों के अतिरिक्त हैं।

उप निदेशक पी. पवन के अनुसार यह पहल बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए है। बिहार में 2020 के चुनाव में 71 प्रतिशत मतदान हुआ था, और इस बार आयोग डिजिटल तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझने की आवश्यकता है कि यह प्रशिक्षण केवल एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत निर्वाचन आयोग का यह कदम सुनिश्चित करता है कि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष हों, जिससे जनता का विश्वास बढ़ता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिटर्निंग अधिकारियों का प्रशिक्षण कब आयोजित किया गया?
प्रशिक्षण 9 और 10 अक्टूबर को आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाना और अधिकारियों को तैयार करना था।
कितने अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया?
प्रशिक्षण में 243 रिटर्निंग अधिकारियों और 1418 सहायक रिटर्निंग अधिकारियों ने भाग लिया।
आयोग ने किस तकनीक का उपयोग किया?
आयोग ने ईसीआईनेट ऐप का उपयोग किया, जिससे मतदान के आंकड़े रियल-टाइम में उपलब्ध होंगे।
क्या प्रशिक्षण के दौरान कोई विशेष सत्र शामिल था?
हाँ, इसमें ऑनलाइन मूल्यांकन और दुविधा-निवारण सत्र शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले