राहुल अरुणोदय बनर्जी की रहस्यमयी मौत: सीआईडी ने जांच अपने हाथ में ली, तालसारी बीच हादसे की होगी गहन पड़ताल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने बंगाली अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी की रहस्यमयी मौत की जांच अपने हाथ में ले ली है। 29 मार्च को ओडिशा के तालसारी बीच पर टीवी सीरियल की शूटिंग के दौरान हुई इस मौत ने बंगाल की फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। अब 15 जून को यह पुष्टि हुई कि सीआईडी इस पूरे मामले की जिम्मेदारी संभालेगी।
मुख्य घटनाक्रम
42 वर्षीय अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी टीवी सीरियल 'भोले बाबा पार करेगा' की शूटिंग के सिलसिले में तालसारी बीच पर गए थे। शूटिंग के दौरान वे समुद्र में उतरे, तभी अचानक तेज ज्वार आने से वे लहरों की चपेट में आ गए और बह गए। मौके पर मौजूद तकनीशियनों ने उन्हें पानी से बाहर निकाला और पूर्वी मिदनापुर जिले के दीघा स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक पानी में रहने के कारण उनके फेफड़ों और श्वास नली में बड़ी मात्रा में खारा पानी और रेत भर गई थी, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मौत हुई। शुरुआती जांच में मौत का कारण डूबना बताया गया था।
सीआईडी जांच का आदेश क्यों
दिवंगत अभिनेता के परिवार के एक सदस्य ने इस मामले में अप्राकृतिक मौत की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पूर्वी मिदनापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिया कि मामले की सीआईडी जांच कराने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को प्रस्ताव भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों की निष्पक्ष जांच की माँग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
गौरतलब है कि इस मामले की जांच पहले ओडिशा पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही थी, जो मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही थी। अब पश्चिम बंगाल की सीआईडी इस जांच की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।
इंडस्ट्री में हड़ताल और विरोध
राहुल अरुणोदय बनर्जी की मौत के बाद बंगाल की फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में जबरदस्त हलचल मच गई। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और तकनीशियनों ने निष्पक्ष एवं गहन जांच की माँग को लेकर कुछ दिनों तक काम बंद रखकर हड़ताल की। बाद में हड़ताल तो खत्म हुई, लेकिन कलाकारों ने उस प्रोडक्शन कंपनी के साथ काम न करने का सामूहिक निर्णय लिया, जिसकी शूटिंग के दौरान यह हादसा हुआ था।
इस प्रोडक्शन कंपनी की प्रमुख लीना गंगोपाध्याय थीं, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाती थीं और पश्चिम बंगाल महिला आयोग की अध्यक्ष भी थीं। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।
आगे क्या होगा
सीआईडी की जांच से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की मनोरंजन इंडस्ट्री शूटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है। सीआईडी की जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई होगी या नहीं।