भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोकने का मामला: कांग्रेस नेता उदित राज ने माँगा स्पष्टीकरण
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली हवाई अड्डे पर कथित तौर पर रोके जाने के मामले में तत्काल और उचित स्पष्टीकरण देने की माँग की है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दावे के अनुसार, पेरिस से लौटते समय मान को हवाई अड्डे पर तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया और उन पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया।
भगवंत मान हिरासत विवाद: क्या है मामला
AAP ने आरोप लगाया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटने पर दिल्ली हवाई अड्डे पर रोका गया और करीब तीन घंटे तक हिरासत में रखा गया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि इस दौरान उन पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया गया। हालाँकि, केंद्र सरकार या हवाई अड्डा प्राधिकरण की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
उदित राज की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता उदित राज ने इस पूरे घटनाक्रम पर कहा कि जब तक मान को रोके जाने के कारणों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, तब तक सच्चाई का पता नहीं चलेगा। उन्होंने कहा, "जिस तरह से काम हो रहा है, वह देश के लिए सही नहीं है। एक के बाद एक लोगों को टारगेट किया जा रहा है।" राज ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में पारदर्शिता अत्यंत जरूरी है।
ट्रंप के बयान और सीजेपी विवाद पर भी बोले उदित राज
उदित राज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अमेरिका के पास दुनिया की इंफॉर्मेशन है। अमेरिका दुनिया का दादा भी है और उसका अपना सिस्टम है। हम लोग तो पेरिस और फ्रांस के बारे में ज्यादा जानते नहीं कि उसकी ज्योग्राफी क्या है और फ्यूचर प्लान क्या है।" उन्होंने इस बयान पर कोई सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया।
रामलीला में कॉकरोच का पुतला जलाने के विवाद और सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) से जुड़े मामले पर राज ने कहा कि सीजेपी आम आदमी पार्टी की प्रॉक्सी है और इस विवाद से संगठन को प्रचार मिला है। उन्होंने कहा कि सीजेपी से जुड़े नेता पहले AAP में रहे हैं तथा जंतर मंतर पर हुए घटनाक्रम में उनकी सहभागिता थी।
PM मोदी की अपील पर कड़ी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के दुश्मनों के खिलाफ एकजुट होने की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए उदित राज ने तीखे शब्दों में कहा, "देश के दुश्मन तो उनके साथ ही हैं। आरएसएस देश का सबसे बड़ा दुश्मन है। वे लगातार साजिशें रचते रहते हैं। देश के सबसे बड़े दुश्मन तो उनके ठीक बगल में ही हैं।" यह बयान राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया का विषय बन सकता है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि AAP और केंद्र सरकार के बीच टकराव की यह नई कड़ी ऐसे समय में आई है जब पंजाब में विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। मान हिरासत विवाद पर सरकार का आधिकारिक जवाब अभी बाकी है, और विपक्ष इस मुद्दे को संसदीय स्तर तक ले जाने की तैयारी में है।