23 अक्टूबर 2026
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दिल्ली एयरपोर्ट पर 2 घंटे रोका, ₹50,000 का चालान: पंजाब CM भगवंत मान का विधानसभा में बड़ा आरोप

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दिल्ली एयरपोर्ट पर 2 घंटे रोका, ₹50,000 का चालान: पंजाब CM भगवंत मान का विधानसभा में बड़ा आरोप

सारांश

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने विधानसभा में दावा किया कि फ्रांस यात्रा के लिए केंद्र ने अनुमति रोकी, हाई कोर्ट जाना पड़ा, और वापसी पर दिल्ली एयरपोर्ट पर 2 घंटे रोककर ₹50,000 का चालान माँगा गया — साथ ही कस्टम प्रमुख पर मुख्य चुनाव आयुक्त के भाई होने का गंभीर आरोप।

मुख्य बातें

पंजाब CM भगवंत मान ने 23 अक्टूबर 2026 को पंजाब विधानसभा में दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें 2 घंटे तक रोका गया।
सामान जाँच में कुछ भी आपत्तिजनक न मिलने के बावजूद कथित तौर पर ₹50,000 का चालान भरने को कहा गया।
फ्रांस दौरे के लिए केंद्र सरकार ने अनुमति नहीं दी, जिसके बाद मान को हाई कोर्ट जाना पड़ा।
मान ने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट कस्टम प्रमुख मनीष , मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत एक छात्रा पर NSA लगाने का भी आरोप लगाया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 23 अक्टूबर 2026 को पंजाब विधानसभा में दावा किया कि फ्रांस दौरे से लौटने पर दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर दो घंटे तक रोके रखा और उनसे ₹50,000 का मनमाना चालान भरवाने की कोशिश की गई। मान के अनुसार, सामान की जाँच में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, फिर भी उन्हें परेशान किया गया।

फ्रांस दौरे की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री मान ने विधानसभा को बताया कि पंजाब में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए उन्हें जापान, कोरिया और जर्मनी समेत कई देशों से निमंत्रण मिलते रहे हैं और इन यात्राओं से राज्य को निवेश के रूप में ठोस लाभ मिला है।

उन्होंने बताया कि फ्रांस में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फूड फेयर आयोजित हो रहा था, जिसमें विश्वभर की प्रमुख कंपनियाँ भाग ले रही थीं। पंजाब की सरकारी संस्था मार्कफेड के ब्रांड 'सोहना' का भी वहाँ स्टॉल लगाया गया था। मान के मुताबिक, इस मेले में भारत के लगभग 150 स्टॉल मौजूद थे और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने उन्हें आमंत्रित किया था।

केंद्र की अनुमति न मिलने पर हाई कोर्ट का दरवाज़ा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस विदेश यात्रा के लिए केंद्र सरकार ने शुरुआत में अनुमति देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मुझे केंद्र सरकार से अनुमति नहीं मिली, इसलिए मुझे हाई कोर्ट जाना पड़ा। हाई कोर्ट ने मुझे आवश्यक प्रोटोकॉल देने का निर्देश दिया।'

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और आम आदमी पार्टी (AAP) शासित राज्यों के बीच विभिन्न प्रशासनिक विषयों को लेकर लगातार तनाव देखा जा रहा है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर कथित रोक और चालान का आरोप

मान के अनुसार, फ्रांस से लौटते समय दिल्ली हवाई अड्डे पर उन्हें दो घंटे तक बैठाकर रखा गया। उन्होंने बताया, 'मेरे सामान की जाँच की गई और उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। इसके बावजूद दो घंटे बाद मुझे जाने के लिए कहा गया।'

कथित तौर पर अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन पर 'ऊपर से दबाव' है। मान ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनसे 'कुछ न कुछ' छोड़कर जाने को कहा और ₹50,000 का चालान भरने की माँग की।

मुख्य चुनाव आयुक्त के भाई पर आरोप

मुख्यमंत्री मान ने विधानसभा में यह भी दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम विभाग के प्रमुख मनीष हैं, जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं। मान ने इसे राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई का हिस्सा बताया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर से भी यह संकेत मिले हैं कि फैसले एकतरफा लिए जाते हैं और परामर्श की प्रक्रिया का पालन नहीं होता। गौरतलब है कि ये गंभीर आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के समय तक उपलब्ध नहीं है।

एनएसए और व्यापक राजनीतिक पैटर्न का आरोप

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत एक छात्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया। उन्होंने इसे विरोधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा करार दिया।

केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मामला संसदीय और न्यायिक दोनों मंचों पर और तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि AAP-शासित राज्यों और केंद्र सरकार के बीच लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक टकराव की एक और कड़ी हैं। विदेश यात्रा अनुमति को लेकर हाई कोर्ट जाना और फिर एयरपोर्ट पर कथित उत्पीड़न — यह पैटर्न तब और गंभीर हो जाता है जब एक निर्वाचित मुख्यमंत्री संवैधानिक संस्थाओं के प्रमुखों पर सीधे आरोप लगाए। मुख्य चुनाव आयुक्त के भाई पर आरोप, अगर सिद्ध न भी हो, तो यह संस्थागत विश्वसनीयता पर गहरा सवाल उठाता है। इन दावों की स्वतंत्र जाँच और केंद्र सरकार की स्पष्ट प्रतिक्रिया दोनों ज़रूरी हैं।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर क्यों रोका गया?
मुख्यमंत्री मान के अनुसार, फ्रांस से लौटते समय दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर 2 घंटे तक रोका और सामान की जाँच की। जाँच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, फिर भी उन्हें ₹50,000 का चालान भरने को कहा गया। अधिकारियों ने कथित तौर पर बताया कि उन पर 'ऊपर से दबाव' है।
भगवंत मान को फ्रांस दौरे के लिए हाई कोर्ट क्यों जाना पड़ा?
मान ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने शुरुआत में उनकी फ्रांस यात्रा की अनुमति देने से इनकार किया। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसने उन्हें आवश्यक प्रोटोकॉल देने का निर्देश दिया। यह यात्रा फ्रांस में आयोजित दुनिया के दूसरे सबसे बड़े फूड फेयर में भाग लेने के लिए थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भगवंत मान ने क्या आरोप लगाए?
मान ने विधानसभा में दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम विभाग के प्रमुख मनीष, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के भीतर से संकेत मिले हैं कि फैसले एकतरफा लिए जाते हैं। ये गंभीर आरोप हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
फ्रांस के फूड फेयर में पंजाब की क्या भागीदारी थी?
मान के अनुसार, फ्रांस में आयोजित दुनिया के दूसरे सबसे बड़े फूड फेयर में पंजाब की सरकारी संस्था मार्कफेड के ब्रांड 'सोहना' का स्टॉल लगाया गया था। इस मेले में भारत के लगभग 150 स्टॉल मौजूद थे और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने मान को आमंत्रित किया था।
भगवंत मान ने NSA के इस्तेमाल पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत एक छात्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया। उन्होंने इसे विरोधियों के खिलाफ बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई के व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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