भगवंत मान को एयरपोर्ट पर ३ घंटे रोका, ₹50,000 का नोटिस — AAP ने केंद्र पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मीडिया सलाहकार बलतेज पन्नू ने 21 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि विदेश दौरे से लौटने पर मुख्यमंत्री को हवाई अड्डे पर करीब तीन घंटे तक रोके रखा गया और उन्हें ₹50,000 के कस्टम जुर्माने का नोटिस थमाया गया। पन्नू ने इसे आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को कमज़ोर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करार दिया।
घटनाक्रम: क्या हुआ हवाई अड्डे पर
पन्नू ने बताया कि मुख्यमंत्री मान विदेश में पंजाब के कृषि उत्पादों — जैसे राजमा और सफेद चने — को बढ़ावा देने तथा राज्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से गए थे। उनके अनुसार, विदेश में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कॉन्सुलेट जनरल को मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पन्नू ने कहा कि जब मुख्यमंत्री दौरे से लौटे और अपनी गाड़ी में सामान रखकर बैठ चुके थे, तब कस्टम अधिकारियों ने उन्हें ₹50,000 के जुर्माने का नोटिस सौंपा। उन्होंने कहा, 'इस तरह की कार्रवाई के पीछे दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है।'
विदेश यात्राओं पर अनुमति का विवाद
पन्नू के अनुसार, मुख्यमंत्री मान ने अलग-अलग देशों की यात्राओं के लिए चार-पाँच बार अनुमति माँगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े खाद्य महोत्सव में पंजाब के उत्पादों का प्रतिनिधित्व करने के लिए मुख्यमंत्री को अदालत से अनुमति लेनी पड़ी। पन्नू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नहीं चाहती कि पंजाब में बाहरी निवेश आए या राज्य के कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हों।
नशा, किसान और केंद्र पर सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और राज्य में नशे की स्थिति पर उठाए सवालों का जवाब देते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाब सीमापार से आने वाली हेरोइन को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और पकड़ी गई हेरोइन का पूरा ब्योरा गृह मंत्रालय के पास उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में बरामद मादक पदार्थ केवल राज्य तक सीमित नहीं रहते, बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक पहुँचने की आशंका होती है — इस लिहाज से पंजाब पूरे देश की लड़ाई लड़ रहा है।
पन्नू ने 2007 से 2017 के बीच पंजाब में रही अकाली-भाजपा सरकार का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान नशे की समस्या बढ़ी, लेकिन भाजपा ने उसका प्रभावी विरोध नहीं किया। उन्होंने दिल्ली सीमाओं पर किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 700 से अधिक किसानों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या गृह मंत्री किसी एक किसान के परिवार से मिलने गए। पंजाब सरकार ने कथित तौर पर प्रभावित किसान परिवारों को ₹5 लाख का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है।
ईडी जाँच और चुनावी मुद्दे
पन्नू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जाँच का संदर्भ देते हुए सवाल उठाया कि विक्रम मजीठिया से जुड़े मामले में जाँच क्यों बंद की गई और केंद्र से इस पर जवाब देने की माँग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग का भी उल्लेख किया और दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में भाजपा राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ रही है।
केंद्र-राज्य टकराव का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब गैर-भाजपा शासित राज्यों और केंद्र सरकार के बीच राज्यपाल नियुक्तियों, फंड रोकने तथा जाँच एजेंसियों के उपयोग को लेकर तनाव पहले से चर्चा में है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा अनुमति को लेकर विवाद सामने आया हो। हालाँकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा केंद्र-राज्य संबंधों की बहस को और तेज़ कर सकता है।