क्या पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी बिहार की जनता को माफ नहीं होगी?

सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय भावना का अपमान नहीं सहा जाएगा।
- राजनीतिक मर्यादा का पालन आवश्यक है।
- समाज में सम्मान की भावना को बनाए रखना चाहिए।
अहमदाबाद, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस और राजद की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान मंच से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया है।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि अभद्र और अनैतिक भाषा अत्यंत निंदनीय और असहनीय है। कांग्रेस और राजद ने इस तरह की भाषा के माध्यम से राजनीतिक मूल्यों और मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। यह देश की मातृशक्ति और भारतीय संस्कृति का अपमान है। यह 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं पर प्रहार है।
उन्होंने कहा कि बिहार और देश की जनता इस अपमान को कभी माफ नहीं करेगी। भारत की जनता इस मूर्खतापूर्ण कृत्य का कड़ा जवाब देगी।
वहीं, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि यह बहुत ही दुखद और शर्म की बात है। मिथिला के लोग अपनी भाषा और संस्कारों के लिए प्रसिद्ध हैं। महागठबंधन के नेताओं ने जिस तरह से अनैतिक भाषा का प्रयोग किया, उससे बड़ी शर्म की बात और कुछ नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि उन लोगों ने जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, वह सुनने लायक नहीं है। मैं बिहार के लोगों की ओर से माफी मांगता हूं। उनकी भाषा से यह स्पष्ट होता है कि उनमें कितना जहर भरा है। प्रधानमंत्री के चलते पूरी दुनिया में भारत की धमक है, और उनके लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग बहुत शर्मनाक है।