CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती से लिया आशीर्वाद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 5 नवंबर 2026 को अहमदाबाद के गोता क्षेत्र में कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति जगद्गुरु शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य की उपस्थिति में आयोजित पूर्णाहुति हवन में भी सहभागिता की।
मुलाकात का विवरण
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गोता स्थित यज्ञशाला मंडपम में जगद्गुरु शंकराचार्य से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने पूर्णाहुति हवन में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसे उन्होंने 'दिव्य अवसर' बताया। इस मुलाकात को उन्होंने राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर क्या लिखा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस भेंट की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'आज अहमदाबाद के गोता में मुझे मूलाम्नाय सर्वज्ञ कांची कामकोटि पीठम के 70वें पीठाधिपति जगद्गुरु शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। मुझे शंकराचार्य जी की उपस्थिति में आयोजित 'पूर्णाहुति हवन' में भाग लेने का दिव्य अवसर प्राप्त हुआ। यज्ञशाला मंडपम में उनके साथ हुई बातचीत अत्यंत प्रेरणादायक रही।'
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, 'सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन में कांची कामकोटि पीठम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। मेरी प्रार्थना है कि पूज्य शंकराचार्य का आशीर्वाद राष्ट्र की गौरवपूर्ण और समृद्ध प्रगति के लिए एक प्रेरक शक्ति बने।'
कांची कामकोटि पीठम का महत्व
कांचीपुरम स्थित कांची कामकोटि पीठम भारतीय सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति के प्रसार में ऐतिहासिक भूमिका निभाता आया है। 28 फरवरी 2018 को तत्कालीन पीठाधिपति जयेंद्र सरस्वती के निधन के पश्चात जगद्गुरु शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती महास्वामी ने 70वें पीठाधिपति के रूप में पीठ की जिम्मेदारी संभाली। यह पीठ दक्षिण भारत के प्रमुख आदि शंकराचार्य मठों में से एक मानी जाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा और मायाबेन कोडनानी भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब राज्य में सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराओं को लेकर विभिन्न धार्मिक आयोजन जारी हैं। आने वाले समय में शंकराचार्य के गुजरात प्रवास के दौरान और भी धार्मिक कार्यक्रम संभावित हैं।