गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के गणेशोत्सव में की महाआरती, राज्यवासियों की खुशहाली की प्रार्थना
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 19 सितंबर 2026 को अहमदाबाद के रानीप इलाके में आयोजित भव्य गणेशोत्सव में भाग लिया। उन्होंने पूर्ण श्रद्धा-भाव से श्रीजी के दर्शन किए, महाआरती में सम्मिलित हुए और राज्य के समस्त नागरिकों की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
महोत्सव में मुख्यमंत्री की उपस्थिति
मुख्यमंत्री पटेल ने रानीप स्थित गणेश पंडाल की भव्य थीम, सजावट और गणेश स्थापना की योजना की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने महोत्सव में उपस्थित श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिवादन किया और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी से आत्मीयता से बातचीत की, जिससे पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बन गया।
इस अवसर पर गांधीनगर की मेयर मीरांबेन पटेल, विधायक अल्पेश ठाकोर और हर्षद पटेल, शहर अध्यक्ष प्रेरक शाह सहित अनेक नेता, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का एक्स पर संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि अहमदाबाद के विभिन्न इलाकों में आयोजित गणेशोत्सव समारोहों में भक्तों के साथ शामिल होकर उन्होंने पूर्ण भक्ति-भाव से प्रिय गणपति के दर्शन और आरती की और स्वयं को धन्य अनुभव किया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में हर्ष और उत्साह के साथ मनाए जा रहे गणेशोत्सव ने हर दिशा में भक्ति और नई सामाजिक ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने प्रार्थना व्यक्त की कि यह शुभ देवता समस्त बाधाओं को दूर कर हर जगह खुशहाली लाएं।
साबरमती जेल का निरीक्षण
गणेशोत्सव कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने साबरमती सेंट्रल जेल का दौरा किया और वहाँ स्थित सरदार यार्ड का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में बंदियों द्वारा संचालित विभिन्न रचनात्मक और कौशल-आधारित गतिविधियों — जैसे बेकरी, बढ़ईगीरी, प्रेस और बुनाई — का जायज़ा लिया।
मुख्यमंत्री ने बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं की खरीदारी भी की। उल्लेखनीय है कि जेल में तैयार सामान आम जनता तक भी पहुँचता है और वहाँ बने पकौड़े विशेष रूप से लोकप्रिय बताए जाते हैं।
बंदियों से संवाद और प्रेरणा
मुख्यमंत्री पटेल ने कैदियों से सीधी बातचीत की, उनकी कला और हुनर की सराहना की तथा उन्हें भविष्य में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रोत्साहित किया। यह दौरा राज्य सरकार के जेल सुधार और बंदी पुनर्वास की दिशा में जारी प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है।
गुजरात सरकार की यह पहल दर्शाती है कि उत्सवी सार्वजनिक सहभागिता और प्रशासनिक जवाबदेही को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।