बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों ने किसान को मौत के घाट उतारा, तीन युवा जबरन गायब
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों द्वारा नागरिकों के खिलाफ हिंसा की नई घटनाएँ सामने आई हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को खुजदार जिले में एक 47 वर्षीय किसान आलम खान की कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड ने गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि उसी दिन केच जिले में दो चचेरे भाइयों और इससे पूर्व 15 सितंबर को क्वेटा से एक छात्र को जबरन गायब कर दिया गया। ये आरोप प्रमुख बलूच मानवाधिकार संगठनों ने लगाए हैं; पाकिस्तानी सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
किसान की हत्या और साथी घायल
मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने बताया कि आलम खान और उनके मित्र बरकत अजीम एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी कथित डेथ स्क्वॉड के सदस्यों ने उन पर गोलियाँ चला दीं। आलम खान की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि बरकत अजीम गंभीर रूप से घायल हो गए।
BYC ने कहा, 'बलूच लोगों के लिए सुरक्षा असंभव होती जा रही है। शादी समारोह, सड़क या यहाँ तक कि खुद का घर भी ऐसी जगह नहीं होनी चाहिए, जहाँ किसी नागरिक को निशाना बनाकर मारा जाए। जबरन गायब करना, टारगेट किलिंग और फर्जी मुठभेड़ों का लगातार पैटर्न एक गंभीर मानवाधिकार संकट है।'
तीन युवाओं को जबरन किया गायब
बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के मानवाधिकार विभाग पांक के अनुसार, पाकिस्तानी बलों ने 17 सितंबर की शाम केच जिले के रेको गाँव में एक घर पर छापा मारकर दो चचेरे भाइयों — सफर बलोच और अब्दुल रजिक — को उठा लिया। उनका ठिकाना अब तक अज्ञात बताया जा रहा है।
इससे पहले, 15 सितंबर को बलूचिस्तान विश्वविद्यालय के बाहर से 20 वर्षीय छात्र किफायत बलोच को क्वेटा में कथित तौर पर पाकिस्तानी बलों ने हिरासत में लिया। पांक के अनुसार, उसे परिवार, वकील और किसी भी कानूनी प्रक्रिया से वंचित रखा गया है। पांक ने कहा, 'एक छात्र का जबरन गायब किया जाना मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।'
पंजगुर और ग्वादर में आठ शव बरामद
बढ़ती हिंसा के बीच शुक्रवार को पंजगुर और ग्वादर जिलों में गोलियों से छलनी आठ शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए। पाकिस्तानी समाचारपत्र डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने शव देखकर अधिकारियों को सूचित किया।
पुलिस के अनुसार, पाँच शव पंजगुर के ग्वारगो इलाके में मिले, जबकि तीन शव ग्वादर जिले के जिवानी उप-मंडल के कुलदान क्षेत्र से बरामद हुए। तीनों मृतकों की पहचान हो गई और कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
BYC ने संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से बलूचिस्तान की गंभीर स्थिति पर तत्काल ध्यान देने का आह्वान किया है। संगठन ने ज़ोर देकर कहा कि जबरन गायब करने और टारगेट किलिंग के इस पैटर्न को सामान्य नहीं बनने देना चाहिए और जवाबदेही के अभाव को जारी नहीं रहना चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच तनाव लंबे अरसे से जारी है, और मानवाधिकार संगठन लगातार इस क्षेत्र में जबरन गायब किए जाने व न्यायेतर हत्याओं की घटनाओं को दर्ज करते आए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय दबाव और इन मामलों पर जवाबदेही की माँग और तेज़ होने की संभावना है।