सिंधी समुदाय का राष्ट्रीय विकास में योगदान: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की प्रशंसा
सारांश
Key Takeaways
- सिंधी समुदाय का योगदान राज्य के विकास में महत्वपूर्ण है।
- चेटी चंड पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
- युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने की आवश्यकता है।
- मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की पहलों में भाग लेने की अपील की।
- सिंधी संस्कृति का संरक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
अहमदाबाद, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को अहमदाबाद में चेटी चंड पर्व के अवसर पर भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय ने अपनी विशिष्ट पहचान को बनाए रखते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री पटेल ने नरोदा पाटिया क्षेत्र में शोभायात्रा का उद्घाटन करने से पहले सिंधी समुदाय के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) और चेटी चंड महोत्सव समिति द्वारा आयोजित किया गया था।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चेटी चंड दरिया देव की पूजा को समर्पित एक पवित्र उत्सव है और यह चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर का प्रतीक भी है।
उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय साहस, परिश्रम और उद्यमशीलता के लिए जाना जाता है और इसने व्यापार, वाणिज्य और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
सिंधी समुदाय के ऐतिहासिक प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, “सिंधी समुदाय, जो सिंध से आया और जिसने गुजरात को अपनी मातृभूमि बना लिया, ने राज्य की संस्कृति में घुलमिलते हुए अपनी भाषा और पहचान को संरक्षित रखा है, जिससे राज्य के विकास में उसका योगदान बढ़ा है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह आस्था 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़े रखने के लिए ऐसे धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों की महत्ता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री पटेल ने समुदाय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पहलों, जैसे 'कैच द रेन', 'एक पेड़ मां के नाम', और 'स्वच्छ भारत' में भाग लेने की अपील की।
नरोदा की भाजपा विधायक पायल कुकरानी ने कहा कि सिंधी समुदाय ने अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि सिंध छोड़ दी थी।
उन्होंने आगे कहा कि तब से उन्होंने (सिंधी समुदाय ने) भारत को अपना घर बना लिया है और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंत्री, स्थानीय नेता, संत और बड़ी संख्या में उपस्थित लोग भी मौजूद थे।