क्या तपस्वियों के दर्शन मात्र से होता है उद्धार? : सीएम भूपेंद्र पटेल

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क्या तपस्वियों के दर्शन मात्र से होता है उद्धार? : सीएम भूपेंद्र पटेल

सारांश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भावनगर में सिद्धि तप आराधकों के महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने बताया कि तपस्वियों के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस कार्यक्रम में 531 से अधिक तपस्वियों की उपस्थिति ने पूरे माहौल को अध्यात्मिक बना दिया।

Key Takeaways

  • 531 से अधिक सिद्धि तप करने वाले तपस्वियों की उपस्थिति।
  • तपस्वियों के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति का विश्वास।
  • मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का तपस्वियों के प्रति सम्मान।

गांधीनगर, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार सुबह भावनगर में सिद्धि तप के आराधकों के सामूहिक पारणा अवसर पर भाग लिया और वरघोड़ा (शोभायात्रा) को रवाना किया। श्री भावनगर जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपा संघ के प्रांगण में चातुर्मास के लिए विराजमान पू. गुरु भगवंतों की पावन निश्रा में यह भव्य पारणा महोत्सव आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने 531 से अधिक सिद्धि तप करने वाले तपस्वियों के पारणा महोत्सव के मौके पर शासन ध्वज फहराकर जिनालय से तपस्वियों की शोभायात्रा को रवाना किया। उन्होंने आराधकों को शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में नवकार मंत्र का गान किया गया। जैन आचार्य ने मुख्यमंत्री पर वासक्षेप डाला और उन्हें आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर श्री भावनगर जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपा संघ के अग्रणियों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया। सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि आज एक साथ इतने सारे तपस्वियों के दर्शन का लाभ मिला है और हमारी संस्कृति में यह मान्यता है कि तपस्वियों के दर्शन मात्र से उद्धार होता है।

उन्होंने कहा कि तपश्चर्या-तपस्या के माध्यम से हम जितना अधिक मुनि भगवंतों के चरणों में रहते हैं, उतना ही हमें लाभ होता है। उन्होंने तपस्वियों का वंदन किया और सकल श्री संघ को ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहा।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'श्री भावनगर जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तप संघ के प्रांगण में, 531 से अधिक सिद्धि तपों की तपश्चर्या करने वाले परम पूज्य गुरु भगवंत के चातुर्मासिक निवास पर, पारणा महोत्सव के अवसर पर उपस्थित होकर, राजकीय ध्वजारोहण कर तपों के जुलूस को रवाना किया और उपासकों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर जैन साधु-साध्वीजी ने भगवंतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। सभी तपस्वियों को वंदन करने के पश्चात, उन्होंने समस्त श्री संघ को मिच्छामि दुक्कड़म अर्पित किया। हमारी संस्कृति है कि तपस्वियों के दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। जितना अधिक हम तप के माध्यम से साधु-संतों के चरणों में रहते हैं, उतना ही अधिक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। मुझे बहुत खुशी है कि आज मुझे एक साथ इतने सारे तपस्वियों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।'

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बांभणिया, भावनगर के महापौर भरतभाई बारड़, विधायक सर्वश्री जीतूभाई वाघाणी, सेजलबेन पंड्या, शिवाभाई गोहिल, मनपा स्थाई समिति के अध्यक्ष राजूभाई राबड़िया, उपमहापौर मोनाबेन पारेख, अग्रणी कुमारभाई शाह, दिग्विजय सिंह गोहिल, किशोरभाई गुरुमुखाणी, श्री भावनगर जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तपा संघ के जयुभाई शाह, मनीष भाई कनाड़िया, हिमांशु भाई शाह, संजयभाई ठार, पीयूषभाई दोशी और रमेशभाई शाह सहित कई अग्रणी उपस्थित रहे।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सिद्धि तप क्या है?
सिद्धि तप एक धार्मिक अभ्यास है जिसमें व्यक्ति अपने आत्मा की शुद्धि के लिए तपस्या करता है।
पारणा महोत्सव का महत्व क्या है?
पारणा महोत्सव तपस्वियों के कठिन तप का सम्मान करने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का एक अवसर है।
क्या तपस्वियों के दर्शन से उद्धार होता है?
जी हाँ, हमारी संस्कृति में यह विश्वास है कि तपस्वियों के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है।