क्या सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में भगवान नीलकंठ वर्णी की पूजा की?

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क्या सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में भगवान नीलकंठ वर्णी की पूजा की?

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में भगवान नीलकंठ वर्णी की पूजा की। इस अवसर पर उन्होंने 'श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव' में भी भाग लिया। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को भी दर्शाता है।

Key Takeaways

  • सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नीलकंठ वर्णी की पूजा की।
  • यह पूजा संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।
  • श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में भाग लेना एक महत्वपूर्ण अवसर है।
  • हमारी प्राचीन परंपराओं को सम्मानित किया गया।
  • समाज में एकता और सह-अस्तित्व का संदेश दिया गया।

मुंबई, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को दादर में स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर का दौरा किया, जहां उन्होंने भगवान नीलकंठ वर्णी की पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में भगवान नीलकंठ वर्णी की पवित्र अभिषेक पूजा की और दिल से प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने चंद्रपुर में आयोजित 'श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव' में भाग लिया।

इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी के लिए एक जीवंत परंपरा है। चंद्रपुर में आज 'श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव' में शामिल होना एक ऐसा अवसर है जो आस्था और हमारी दीर्घकालिक सनातन परंपरा के माध्यम से लोगों को एक साथ लाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी संस्कृति की समृद्धि इसके इतिहास में स्पष्ट होती है। राखीगढ़ी और भिराना में हुई खुदाई से लगभग १०,००० साल पुराने शहर की झलक मिलती है। उस समय भी, लोगों का रहन-सहन और पूजा-अर्चना का तरीका आज जैसा ही था। अब दुनिया हमारी परंपराओं को सबसे प्राचीन सभ्यता का हिस्सा मानती है और हमारी सनातन संस्कृति के ज्ञान को हर जगह सम्मानित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनना केवल एक अनुष्ठान नहीं है। यह हमारे विचारों और कार्यों का मार्गदर्शन करती है और हमें सद्गुण, करुणा और सद्भाव के साथ जीने की शिक्षा देती है। हमारे संतों ने हमेशा एक ऐसा संदेश दिया है, जो केवल स्वयं तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी प्राणियों की देखभाल करता है और सह-अस्तित्व के महत्व को दर्शाता है। यह ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सदियों पहले था। ये समागम और भागवत की शिक्षाएं पीढ़ियों को मार्गदर्शन करती रहेंगी, अतीत को भविष्य से जोड़ती रहेंगी और हमारी संस्कृति और मूल्यों को हर घर में जीवित रखेंगी।

इस अवसर पर उनके साथ मंत्री डॉ. अशोक उइके, विधायक कीर्ति कुमार (बंटी) भांगड़िया, विधायक किशोर जोरगेवार, विधायक करण देवताले और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Point of View

यह स्पष्ट है कि देवेंद्र फडणवीस की यह पूजा न केवल धार्मिक है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास भी है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और सामंजस्य बढ़ाने में मदद मिलती है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कब पूजा की?
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने २४ अगस्त को पूजा की।
बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर कहाँ स्थित है?
बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर दादर, मुंबई में स्थित है।
श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन कहाँ हुआ?
यह महोत्सव चंद्रपुर में आयोजित किया गया।
भगवान नीलकंठ वर्णी की पूजा का महत्व क्या है?
यह पूजा आस्था और संस्कृति के प्रतीक के रूप में महत्वपूर्ण है।
इस पूजा में कौन-कौन उपस्थित थे?
इस मौके पर डॉ. अशोक उइके, कीर्ति कुमार भांगड़िया, किशोर जोरगेवार और करण देवताले उपस्थित थे।