छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने ममता बनर्जी से राष्ट्रपति का अपमान लेकर माफी की मांग की

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छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने ममता बनर्जी से राष्ट्रपति का अपमान लेकर माफी की मांग की

सारांश

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने ममता से माफी मांगने की अपील की है, जिससे राजनीतिक माहौल में हलचल मची है।

Key Takeaways

  • विष्णुदेव साय ने ममता बनर्जी से माफी मांगने का अनुरोध किया।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर नाराजगी जताई गई।
  • पत्र में भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख किया गया।
  • महिला दिवस से पहले का यह मामला महत्वपूर्ण है।
  • यह घटना राजनीतिक संवाद को प्रभावित कर सकती है।

नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी से राष्ट्रपति मुर्मु से माफी मांगने की अपील की है।

सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आपको दूसरी बार बड़े दुख के साथ यह पत्र लिख रहा हूं, आशा है कि आप इसे गंभीरता से लेंगी। भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार हमेशा प्रशंसा के योग्य रहे हैं। यहां मतभेद को कभी भी मनभेद नहीं बनाया गया। हमें इसे बनाए रखना चाहिए। जनजातीय समाज से आने वाली भारत की पहली महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ आपके द्वारा किए गए अपमान ने इन परंपराओं का उल्लंघन किया है, जो मेरे लिए अत्यंत दुखद है।"

उन्होंने कहा, "महिला दिवस से पहले आपका यह व्यवहार अक्षम्य है। खासकर आप खुद एक महिला हैं और इसके बावजूद ऐसा करना बेहद पीड़ादायक है। हमें लगा था कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में इस प्रकार की दुखद घटना पर आप दुख प्रकट करेंगी, पर आपकी प्रतिक्रिया ने देश को और आहत किया है। यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य शासन के खिलाफ राष्ट्रपति को अपनी व्यथा सार्वजनिक करनी पड़ी है। पश्चिम बंगाल के भद्र लोक में चर्चा है, ऐसे में यह राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला है।"

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का पालन न करना, जनजातीय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम का स्थान मनमाने ढंग से बदल देना और राष्ट्रपति को मूलभूत सुविधाओं से वंचित करना संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ का उल्लंघन है। यह अपमान वास्तव में निंदनीय है, विशेषकर मेरे जैसे करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के लिए।"

उन्होंने कहा, "ममता जी, इससे पहले भी हमने संदेशखाली कांड पर आपका ध्यान आकर्षित कराया था, जहां आपकी पार्टी के नेताओं द्वारा जनजातीय समाज की महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध किए गए थे, तब भी आपने मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी। आखिर जनजातीय समाज ने आपका क्या बिगाड़ा है? पश्चिम बंगाल के संथाल समाज समेत सभी निवासियों ने प्रदेश के विकास में भागीदारी की है। आपके द्वारा वंचित समाज के प्रति लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है और यह पूरी तरह अनुचित है। प्रदेश की जनता इसे कभी नहीं भूलेगी।"

साय ने ममता बनर्जी से निवेदन करते हुए लिखा, "कृपया सच्चे मन से देश-समाज और राष्ट्रपति से क्षमा मांगकर अपनी गलती स्वीकारें और आगे से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने का आश्वासन दें। ऐसा करने से आपकी व्यक्तिगत छवि को भी सुधारने में मदद मिलेगी। आशा है, आप इस पर ध्यान देंगी। धन्यवाद।"

Point of View

जहां एक राज्य के मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्य की मुख्यमंत्री से राष्ट्रपति के अपमान पर माफी मांगने की अपील की है। यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों और शिष्टाचार की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने किसे पत्र लिखा?
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा।
पत्र में क्या मांग की गई है?
पत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से माफी मांगने की मांग की गई है।
इस पत्र के पीछे का कारण क्या है?
पत्र का कारण राष्ट्रपति मुर्मु के अपमान के प्रति नाराजगी है।
सीएम साय ने किस परंपरा की बात की?
उन्होंने भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं और शिष्टाचार की बात की।
क्या यह मामला राजनीतिक माहौल को प्रभावित करेगा?
हाँ, यह मामला राजनीतिक माहौल में हलचल मचा सकता है।
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