CM विष्णुदेव साय का कांग्रेस पर प्रहार: 'हताशा में पत्थरबाजी, लोकतंत्र में गरिमा ज़रूरी'
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 24 जुलाई को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और कहा कि लगातार चुनावी पराजय ने पार्टी को पूरी तरह हताश कर दिया है। उन्होंने कांग्रेस के विरोध के तरीकों की कड़ी आलोचना करते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री साय का कांग्रेस पर सीधा आरोप
मुख्यमंत्री साय ने कहा, 'लोकतंत्र में सभी को विरोध और हड़ताल करने का अधिकार है। कांग्रेस लगातार हार से इतनी निराश हो चुकी है कि अब वह कश्मीर जैसी पत्थरबाजी का रास्ता अपना रही है। यह उनकी हताशा को दिखाता है। लोकतंत्र में विरोध हमेशा गरिमा और अनुशासन के साथ होना चाहिए।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों पर सड़क पर उतरे हुए हैं।
पेपर लीक पर PM मोदी के वीडियो संदेश का स्वागत
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामले पर जारी वीडियो संदेश की सराहना की। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री का दिल से धन्यवाद करता हूँ। उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे को गंभीरता से लिया है और इसे रोकने के लिए मज़बूत कदम उठा रहे हैं। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूँ।'
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं और आम नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इससे जुड़े नए कानून का मसौदा शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
नए कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सज़ा का प्रावधान
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट के ज़रिए त्वरित सुनवाई और दोषियों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट सहयोगियों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और संसद के दूसरे सप्ताह — जो सोमवार से शुरू हो रहा है — में इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने का संकल्प
मुख्यमंत्री साय ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में भी UCC लागू किया जाएगा और राज्य सरकार आने वाले शीतकालीन विधानसभा सत्र में इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड समेत कई भाजपा-शासित राज्य UCC की ओर कदम बढ़ा चुके हैं।
आगे क्या
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक विरोधी विधेयक के मसौदे पर निर्णय अपेक्षित है, जबकि छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में UCC प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस तेज़ होने की संभावना है।