क्या ज्यूरिख पहुंचे सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मेहनती और विश्वसनीय होने की बात कही?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का स्वागत पारंपरिक मराठी शैली में हुआ।
- ज्यूरिख में मराठी संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल हुई।
- उन्होंने मुंबई के विकास के लिए ठोस योजनाओं की घोषणा की।
- महाराष्ट्र के नगरपालिका चुनावों में सफलता का जश्न मनाया गया।
- अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मराठी भाषा की कक्षाएं शुरू होने की बात कही गई।
ज्यूरिख, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रविवार को विश्व आर्थिक मंच के लिए ज्यूरिख पहुंचे। उनके स्वागत में मराठी शैली का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वेशभूषा और उत्साह के साथ स्वागत के लिए मराठी लोगों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र का राष्ट्रगान भी गाया गया।
दावोस पहुंचने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का हाथ हिलाकर स्वागत किया गया। स्विट्जरलैंड में भारतीय राजदूत मृदुल कुमार ने उनका पहले स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और किंजरापु राममोहन नायडू ने भी उनसे मुलाकात की और महाराष्ट्र के नगरपालिका चुनावों की सफलता पर उन्हें बधाई दी।
जब मार्गट और अन्य नागरिकों ने उनसे मुलाकात की, तो सभी ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र के नगरपालिका चुनावों में उनकी शानदार सफलता पर उन्हें बधाई दी। बृहन्महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 'देवभाऊ का स्वागत है' लिखी एक पट्टिका लगाई गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत समारोह में कहा कि हमने राज्य में एक महा-एनआरआई मंच की स्थापना की है, जिसके माध्यम से हम अपनी संस्कृति और भाषा को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रगति का मूल विचार संस्कृति का संरक्षण है। अब हमने मुंबई के विकास के लिए ठोस योजनाएं बनाई हैं, जिससे अगले 5 वर्षों में मुंबई विकसित देशों की राजधानियों से भी आगे निकल जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेहनती और विश्वसनीय होना उनकी पहचान है। अंतर्राष्ट्रीय मराठी मंच के समन्वयक अमोल सावरकर ने ज्यूरिख में बताया कि मराठी मंच ने स्विट्जरलैंड के विभिन्न स्कूलों में मराठी भाषा की कक्षाएं शुरू करने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना की।