लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का CM भूपेंद्र पटेल ने किया दौरा, फेज-1 व फेज-2 की प्रगति समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 अक्टूबर 2026 को लोथल स्थित देश के पहले राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) का दौरा किया और निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के इस ऐतिहासिक स्थल पर विश्वस्तरीय परियोजना आकार ले रही है, जिसमें भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने वाले संग्रहालय, दीर्घाएँ और दुनिया का सबसे ऊँचा 'लाइटहाउस म्यूजियम' शामिल हैं।
मुख्यमंत्री का दौरा और समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने परिसर में चल रहे सभी कार्यों की मौजूदा स्थिति की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक भी की। इस बैठक में NMHC के फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत विकसित की जा रही सुविधाओं, साइट की विशेषताओं तथा अब तक पूर्ण एवं आगामी निर्माण कार्यों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने इस परिसर का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इस पर विशेष ज़ोर दिया — ताकि यह स्थल वैश्विक पर्यटन के लिहाज से एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सके।
परिसर में क्या बन रहा है
लोथल में निर्माणाधीन इस परिसर में भारत की समुद्री परंपराओं को समर्पित विशेष म्यूजियम और गैलरियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, विश्व का सबसे ऊँचा 'लाइटहाउस म्यूजियम' भी यहाँ स्थापित किया जा रहा है। यह परिसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकास भी, विरासत भी' के दर्शन को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि लोथल, जो लगभग 5,000 वर्ष पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता का अहम पड़ाव रहा है, दुनिया के सबसे प्राचीन ज्ञात बंदरगाहों में से एक माना जाता है। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यहाँ इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजना का चयन किया गया।
दौरे में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री के इस दौरे में गुजरात सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार एस.एस. राठौर, मुख्यमंत्री के अपर प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. कुलदीप आर्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती, गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की मिशन डायरेक्टर नेहा कुमारी, जिला विकास अधिकारी विदेह खरे, NMHC के चीफ ऑफ गैलरीज प्रोफेसर वसंत शिंदे, रेंज आईजी राघवेन्द्र वत्स तथा जिला पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश जाट सहित राज्य प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार परियोजना की समय-सीमा के प्रति गंभीर है। आने वाले महीनों में फेज-1 के अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है, जिसके बाद यह स्थल देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए एक नई सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में उपलब्ध होगा।