25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में 12 वर्षों में 5 नए म्यूजियम, 16 लाख से अधिक आगंतुक; 'विकास भी, विरासत भी' विजन साकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में 12 वर्षों में 5 नए म्यूजियम, 16 लाख से अधिक आगंतुक; 'विकास भी, विरासत भी' विजन साकार

सारांश

गुजरात ने 12 वर्षों में 5 अत्याधुनिक संग्रहालय खड़े किए — स्मृतिवन से लोथल तक। 16 लाख से अधिक आगंतुक, AR-VR तकनीक और इमर्सिव अनुभव के साथ राज्य ने साबित किया कि विरासत और विकास साथ-साथ चल सकते हैं।

मुख्य बातें

गुजरात में पिछले 12 वर्षों में 5 नए अत्याधुनिक संग्रहालय स्थापित किए गए।
पिछले 2 वर्षों में राज्य के संग्रहालयों में 16 लाख से अधिक आगंतुक पहुँचे।
दांडी कुटीर ( गांधीनगर , 2015 ) महात्मा गांधी के 1930 के नमक सत्याग्रह को 41 मीटर ऊँचे गुंबद में प्रस्तुत करता है।
वडनगर पुरातत्व अनुभवात्मक संग्रहालय ( 2025 ) भारत का पहला उत्खनन-अनुभव आधारित म्यूजियम है, जो 2,500 वर्षों के 7 सांस्कृतिक चरणों को दर्शाता है।
लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर दुनिया का सबसे बड़ा मैरीटाइम म्यूजियम होगा।
संग्रहालयों में AR, VR, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राम और इंटरैक्टिव टच स्क्रीन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

गुजरात में पिछले 12 वर्षों के दौरान 5 नए अत्याधुनिक संग्रहालय स्थापित किए गए हैं और पिछले दो वर्षों में राज्य के विभिन्न संग्रहालयों में 16 लाख से अधिक आगंतुक पहुँचे हैं। गुजरात सरकार के पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक डॉ. पंकज शर्मा के अनुसार, डिजिटल तकनीक के समन्वय से ये संग्रहालय अब कलाकृतियों के भंडार नहीं, बल्कि संस्कृति के जीवंत केंद्र बन चुके हैं।

मुख्य संग्रहालय और उनकी विशेषताएँ

स्मृतिवन भूकंप स्मारक एवं म्यूजियम, भुज के भुजिया डुंगर पर स्थित है और 2001 के विनाशकारी भूकंप में जीवन गँवाने वाले लोगों की स्मृति में समर्पित है। यहाँ आगंतुक सिम्युलेटर के ज़रिए भूकंप का जीवंत अनुभव कर सकते हैं। पर्यटकों के अनुसार, इस म्यूजियम का थियेटर और डिजिटल माध्यम उन्हें उस विभीषिका और उससे उबरने की प्रेरक गाथा से सीधे जोड़ता है।

दांडी कुटीर म्यूजियम, गांधीनगर में 2015 में बना यह 41 मीटर ऊँचा शंकु आकार का गुंबद 1930 के नमक सत्याग्रह का प्रतीक है। प्रकाश, ध्वनि, एनिमेशन और मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन के माध्यम से यहाँ स्वतंत्रता आंदोलन की गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

वडनगर पुरातत्व अनुभवात्मक संग्रहालय, 2025 में निर्मित यह म्यूजियम वडनगर के हज़ारों वर्ष प्राचीन इतिहास और उत्खनन के दौरान मिले अवशेषों को संजोता है। यह भारत का पहला ऐसा संग्रहालय है जो उत्खनन स्थल के अनुभव को सीधे दर्शाता है और 2,500 वर्षों के सात सांस्कृतिक चरणों का कालक्रमिक विकास प्रस्तुत करता है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी संग्रहालय दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा के साथ सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और रियासतों के विलय के इतिहास को आधुनिक तकनीक से प्रस्तुत करता है।

निर्माणाधीन परियोजना: लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर

लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर को दुनिया का सबसे बड़ा मैरीटाइम म्यूजियम बनाने की योजना है। यह परिसर सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख बंदरगाह शहर लोथल की प्राचीन समुद्री विरासत और भारत की वैश्विक व्यापार परंपरा को प्रदर्शित करेगा। अत्याधुनिक इमर्सिव गैलरियों, वर्चुअल प्रेजेंटेशन और इंटरैक्टिव प्रदर्शनी के ज़रिए आगंतुक प्राचीन भारत के नौकायन कौशल को निकट से समझ सकेंगे।

तकनीक से बदला म्यूजियम का स्वरूप

गुजरात के संग्रहालयों में अब ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राम और इंटरैक्टिव टच स्क्रीन जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। डॉ. पंकज शर्मा ने कहा कि इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को विरासत को केवल देखने नहीं, बल्कि अनुभव करने का अवसर देना है।

गौरतलब है कि परंपरागत म्यूजियमों में जहाँ केवल वस्तुओं का प्रदर्शन होता था, वहीं इन नए संग्रहालयों में इमर्सिव अनुभव को केंद्र में रखा गया है — यह बदलाव देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बनता जा रहा है।

सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने आर्थिक विकास के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दी है। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी राज्य की अस्मिता और संस्कृति को वैश्विक फलक पर ले जाने के लिए ऐसे आधुनिक प्रकल्पों का निर्माण जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

शैक्षणिक भागीदारी और राजस्व जैसे विवरण भी सार्वजनिक किए जाते। लोथल परिसर की भव्य योजना को लेकर विशेषज्ञों के एक वर्ग में यह सवाल भी उठता है कि क्या इतने बड़े बुनियादी ढाँचे का दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर्याप्त रूप से सोची गई है। विरासत को डिजिटल बनाना सराहनीय है, परंतु असली मापदंड यह होगा कि ये संग्रहालय स्थानीय समुदायों और स्कूली पाठ्यक्रम से कितने गहरे जुड़ते हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में पिछले 12 वर्षों में कौन-से नए म्यूजियम बने हैं?
गुजरात में पिछले 12 वर्षों में स्मृतिवन भूकंप स्मारक (भुज), दांडी कुटीर (गांधीनगर, 2015), वडनगर पुरातत्व अनुभवात्मक संग्रहालय (2025) और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी संग्रहालय सहित 5 नए अत्याधुनिक संग्रहालय स्थापित किए गए हैं। लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर अभी निर्माणाधीन है।
स्मृतिवन म्यूजियम क्या है और यह क्यों खास है?
स्मृतिवन भूकंप स्मारक एवं म्यूजियम भुज के भुजिया डुंगर पर स्थित है और 2001 के विनाशकारी भूकंप में जान गँवाने वाले लोगों की स्मृति में बनाया गया है। यहाँ सिम्युलेटर के ज़रिए आगंतुक भूकंप का जीवंत अनुभव कर सकते हैं, जो इसे भारत का सबसे आधुनिक तकनीक वाला म्यूजियम बनाता है।
वडनगर पुरातत्व अनुभवात्मक संग्रहालय में क्या देखा जा सकता है?
2025 में निर्मित यह संग्रहालय वडनगर के 2,500 वर्षों के सात सांस्कृतिक चरणों का कालक्रमिक विकास प्रस्तुत करता है। AR-VR, 3D डिस्प्ले और डायोरामा जैसी इमर्सिव तकनीक के ज़रिए उत्खनन स्थल के अनुभव को जीवंत किया गया है — यह भारत का इस तरह का पहला म्यूजियम है।
लोथल राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर कब तक बनकर तैयार होगा?
लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का काम तेज़ी से जारी है, हालाँकि आधिकारिक उद्घाटन की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मैरीटाइम म्यूजियम होगा, जो सिंधु घाटी सभ्यता की समुद्री विरासत को वैश्विक दर्शकों के सामने रखेगा।
गुजरात के संग्रहालयों में किस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है?
गुजरात के नए संग्रहालयों में ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, होलोग्राम और इंटरैक्टिव टच स्क्रीन जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को विरासत को केवल देखने नहीं, बल्कि अनुभव करने का अवसर देना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
    क्या सीएम भूपेंद्र पटेल का समावेशी और संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस' का आयोजन एक अभिनव दृष्टिकोण है?
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले