अमेरिकी सेक्शन 301 शुल्क में भारत को राहत: 10% ड्यूटी, 45% निर्यात बाहर; BTA पर प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 25 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 के सेक्शन 301 के तहत लागू किए गए अंतिम उपायों में भारत को अतिरिक्त टैरिफ की निचली श्रेणी में रखा गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह परिणाम जांच के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के साथ निरंतर और सक्रिय संवाद का प्रतिफल है। सरकार ने साथ ही भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को शीघ्र अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
सेक्शन 301 जांच की पृष्ठभूमि
USTR ने 23 जुलाई 2026 को सेक्शन 301 के अंतर्गत अंतिम उपायों की घोषणा की। यह जांच 60 अर्थव्यवस्थाओं की उन नीतियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद की गई, जो फोर्स्ड लेबर (बंधुआ मज़दूरी) से तैयार वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे लागू करने से संबंधित हैं। भारत भी इन 60 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था।
गौरतलब है कि 2 जून 2026 को USTR ने भारत पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क का प्रस्ताव रखा था। अंतिम निर्णय में यह दर घटाकर 10 प्रतिशत एड वैलोरम ड्यूटी कर दी गई — जो भारत की सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी का ठोस परिणाम माना जा रहा है।
भारत की कूटनीतिक रणनीति
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "भारत सरकार ने जांच के दौरान USTR के साथ लगातार विस्तृत लिखित प्रस्तुतियां, व्यक्तिगत स्तर पर विचार-विमर्श और सार्वजनिक सुनवाई में भागीदारी के माध्यम से सक्रिय संवाद बनाए रखा। इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत को अंतिम उपायों में अतिरिक्त टैरिफ की निचली श्रेणी में रखा गया है, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को तुलनात्मक लाभ मिलेगा।"
किन उत्पादों को मिली छूट
सरकार के अनुसार, अमेरिका को भारत के निर्यात का एक बड़ा हिस्सा इस 10 प्रतिशत अतिरिक्त ड्यूटी के दायरे से बाहर रहेगा। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, स्मार्टफोन और कुछ अन्य निर्दिष्ट उत्पाद — जिन पर पहले से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता। इसके अलावा, सेक्शन 232 के तहत पहले से शामिल स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स पर भी यह अतिरिक्त 10 प्रतिशत ड्यूटी लागू नहीं होगी।
इन छूटों के कारण अमेरिका को भारत के कुल निर्यात का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा सेक्शन 301 की अतिरिक्त ड्यूटी से मुक्त रहेगा। शेष 55 प्रतिशत निर्यात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होगा।
टेक्सटाइल और BTA वार्ता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम उपायों में उल्लिखित टेक्सटाइल-विशिष्ट व्यवस्था अभी स्थापित और लागू होनी बाकी है। इस मुद्दे पर भारत, चल रही भारत-अमेरिका BTA वार्ताओं के दौरान अमेरिका के साथ निरंतर संवाद में है।
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को नई गति देने की कोशिशें जारी हैं। जांच के दायरे में शामिल अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत पर कुल टैरिफ बोझ अपेक्षाकृत कम रहेगा, जो भारतीय निर्यातकों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का काम करेगा।