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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: धारा 301 कार्यवाही और द्विपक्षीय समझौते पर नई दिल्ली में तीन दिवसीय बैठक

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भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: धारा 301 कार्यवाही और द्विपक्षीय समझौते पर नई दिल्ली में तीन दिवसीय बैठक

सारांश

भारत और अमेरिका के बीच धारा 301 कार्यवाही और 2 फरवरी के अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर नई दिल्ली में तीन दिवसीय वार्ता जारी है। USTR ने भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त शुल्क प्रस्तावित किए हैं, 7 जुलाई को सार्वजनिक सुनवाई होगी।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्रालय ने 3 जून 2026 को बताया कि भारत-अमेरिका के बीच धारा 301 और अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है।
USTR ने 60 अर्थव्यवस्थाओं पर 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत अतिरिक्त शुल्क प्रस्तावित किए।
हितधारक 22 जून 2026 तक सुनवाई अनुरोध, 6 जुलाई 2026 तक लिखित टिप्पणियाँ दे सकते हैं; सुनवाई 7 जुलाई को।
वस्त्र-परिधान क्षेत्र के लिए कम शुल्क पर सीमित कोटा की विशेष व्यवस्था प्रस्तावित।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नए द्विपक्षीय समझौते को अंतिम रूप देने में रुचि जताई।

वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार, 3 जून 2026 को पुष्टि की कि भारत और अमेरिका के बीच 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत शुरू की गई कार्यवाही और 2 फरवरी को हुए अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सघन बातचीत जारी है। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी इस समय नई दिल्ली में तीन दिवसीय वार्ता कर रहे हैं, जिससे आगामी शुल्क दरों में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

USTR की जाँच और शुल्क प्रस्ताव

मंत्रालय के अनुसार, यूएस ट्रेड रिप्रिजेंटेटिव (USTR) ने भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं द्वारा वस्तुओं के आयात को बाधित करने वाले कथित उपायों पर अपनी जाँच पूरी कर ली है। इसी आधार पर USTR ने इन देशों से होने वाले आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

हालाँकि, धारा 232 के अंतर्गत आने वाले शुल्क और कुछ चुनिंदा उत्पादों को इस प्रस्तावित ढाँचे से बाहर रखा गया है। वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए एक विशेष व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जिसके तहत चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं से एक तय मात्रा तक आयात कम शुल्क दर पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश पा सकेगा।

सार्वजनिक सुनवाई की समयरेखा

रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित शुल्क अभी अंतिम रूप नहीं ले सके हैं। हितधारक 22 जून 2026 तक सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए अनुरोध प्रस्तुत कर सकते हैं, जबकि लिखित टिप्पणियाँ 6 जुलाई 2026 तक स्वीकार की जाएँगी। सार्वजनिक सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित है। USTR अंतिम निर्णय लेने से पहले प्राप्त टिप्पणियों और गवाहियों पर विचार करेगा।

अंतरिम समझौते की पृष्ठभूमि

7 फरवरी को जारी भारत-अमेरिका संयुक्त बयान ने पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार के लिए एक ऐतिहासिक अंतरिम समझौते की रूपरेखा तय की थी, और दोनों पक्षों को व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की वार्ता के लिए प्रतिबद्ध किया था। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर शुल्क संरक्षणवाद बढ़ रहा है और कई एशियाई अर्थव्यवस्थाएँ अमेरिकी बाजार पहुँच को लेकर बातचीत में जुटी हैं।

राजदूत का बयान और उद्योग की निगाहें

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा कि अमेरिका भारत के साथ नए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने को उत्सुक है — जिससे बाजार पहुँच विस्तारित होगी, गैर-शुल्क बाधाएँ घटेंगी और दोनों ओर के व्यवसायों के लिए अधिक निश्चितता बनेगी। निर्यातक संगठनों की निगाहें अब जुलाई की सुनवाई और दिल्ली वार्ता के परिणामों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ बाजार पहुँच का लालच। 2 फरवरी की रूपरेखा से लेकर जून की दिल्ली वार्ता तक प्रगति की गति बताती है कि दोनों पक्ष किसी ठोस ‘अर्ली हार्वेस्ट’ की तलाश में हैं, पर वस्त्र-कोटा जैसी चुनिंदा रियायतें असली बाधाओं — डिजिटल व्यापार, कृषि और डेटा — को टालने का जोखिम भी रखती हैं। असली परीक्षा 7 जुलाई की सुनवाई के बाद होगी, जब प्रस्तावित शुल्क का दायरा साफ़ होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धारा 301 क्या है और भारत पर इसका क्या असर पड़ सकता है?
धारा 301, 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम का वह प्रावधान है जिसके तहत USTR उन देशों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है जिनकी व्यापार नीतियों को अमेरिका ‘अनुचित’ मानता है। इसके तहत भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है, जो अंतिम रूप मिलने पर भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ा सकता है।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता कब हुआ था?
दोनों देशों ने 2 फरवरी 2026 को अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में सहमति बनाई थी, और 7 फरवरी के संयुक्त बयान में इसकी रूपरेखा को औपचारिक रूप दिया। इसी संयुक्त बयान ने व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की वार्ता का रास्ता खोला।
USTR की प्रस्तावित सुनवाई की समयरेखा क्या है?
हितधारक 22 जून 2026 तक सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए अनुरोध दे सकते हैं, और लिखित टिप्पणियाँ 6 जुलाई 2026 तक जमा की जा सकती हैं। सार्वजनिक सुनवाई 7 जुलाई को होगी, जिसके बाद USTR अंतिम निर्णय लेगा।
वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए क्या विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है?
वस्त्र और परिधान उत्पादों के लिए एक विशेष कोटा व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसके तहत चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं से एक निश्चित मात्रा तक आयात कम शुल्क दर पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश पा सकेगा। यह भारतीय परिधान निर्यातकों के लिए राहत का संभावित स्रोत बन सकता है।
भारत में अमेरिकी राजदूत ने व्यापार समझौते पर क्या कहा है?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में कहा कि अमेरिका भारत के साथ नए द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक है। उनके अनुसार, इस समझौते से बाजार पहुँच का विस्तार होगा, व्यापारिक बाधाएँ कम होंगी और दोनों देशों के व्यवसायों के लिए अधिक निश्चितता पैदा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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