क्या भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप?

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क्या भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप?

सारांश

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी आई है। दोनों देशों के अधिकारी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने में लगे हैं, जबकि कुछ संवेदनशील मामलों पर मतभेद अभी भी बरकरार हैं। जानिए इस समझौते का मतलब क्या होगा और क्या संभावित प्रभाव पड़ेगा।

Key Takeaways

  • अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता
  • संवेदनशील मुद्दों पर मतभेद
  • टैरिफ में संभावित कटौती
  • बिजनेस माहौल पर प्रभाव
  • कानूनी अनिश्चितता के मुद्दे

वाशिंगटन, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इस समझौते के अधिकांश मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है, लेकिन कुछ संवेदनशील मामलों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। इनमें आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क और समझौते को लागू करने के प्रक्रिया से जुड़े सवाल शामिल हैं। दोनों देश चाहते हैं कि ऐसा समझौता हो, जिससे आपसी व्यापार में स्थिरता और भरोसा बना रहे।

पिछले कुछ हफ्तों में बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और अब केवल कुछ मुद्दे बचे हैं। बातचीत से जुड़े लोगों के अनुसार तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी है। जैसे ही इसे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि और भारत के वाणिज्य मंत्रालय से मंजूरी मिलेगी, इसे अंतिम स्वीकृति के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा जाएगा।

बीते कुछ महीनों में प्रधान मंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच कई बार फोन पर चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि इन बातचीतों में प्रस्तावित व्यापार समझौते की रूपरेखा पर चर्चा की गई। दावोस में राष्ट्रपति ट्रंप ने भी भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत व्यापार समझौते पर भरोसा जताया था।

इस लंबे समय से प्रतीक्षित समझौते का एक बड़ा प्रभाव यह हो सकता है कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ हटाया जाए। यह शुल्क पिछले साल गर्मियों से लागू है। इस शुल्क का सबसे ज्यादा असर भारतीय वस्त्र उद्योग पर पड़ा है। हालांकि अधिकारियों ने बताया है कि इसके बावजूद दोनों देशों के बीच कुल व्यापार में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आंकड़ों के अनुसार स्थिति मिली-जुली रही है। वस्त्र और परिधान क्षेत्र पर दबाव बना रहा, हालांकि कुछ कपड़ा श्रेणियों में मामूली बढ़ोतरी भी देखी गई। दवा उद्योग के निर्यात में भी ऐसा ही रुझान रहा। कुल मिलाकर निर्यात की मात्रा बढ़ी है।

इन बातचीतों के बीच अमेरिका में कानूनी अनिश्चितता भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि टैरिफ अधिकारियों के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का संभावित फैसला सीधे तौर पर बातचीत को प्रभावित नहीं कर रहा है। लेकिन यह भविष्य में एक जोखिम बना हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी कांग्रेस में भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर समर्थन मजबूत बना हुआ है। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की बात कही है।

इसी समय, अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इमिग्रेशन से जुड़े घटनाक्रमों ने बिजनेस के माहौल को प्रभावित किया है। कुछ कुशल कामगार वीजा पर शुल्क बढ़ाए जाने से कंपनियों और पेशेवरों में चिंता है। भले ही ये मुद्दे सीधे व्यापार समझौते का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर धारणा जरूर प्रभावित होती है।

सूत्रों के मुताबिक, अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट कोई ऐसा फैसला देता है, जिससे कुछ शुल्कों की कानूनी वैधता प्रभावित होती है, तो अमेरिका को दूसरे कानूनी प्रावधानों का सहारा लेना पड़ सकता है। इन प्रावधानों में शुल्क की सीमा और अवधि पर सख्त नियम होते हैं, जिससे व्यापार नीति से जुड़ी मौजूदा राजनीतिक सोच पर असर पड़ सकता है।

Point of View

मैं यह मानता हूँ कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों का विकास हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच के रिश्तों को भी मजबूत करेगा। हमें आशा है कि दोनों पक्ष जल्द ही आपसी सहमति पर पहुँचेंगे।
NationPress
04/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और आपसी संबंधों को मजबूत करना है।
क्या इस समझौते से भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में कटौती होगी?
हां, इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ हटाने की संभावना है।
क्या यह समझौता दोनों देशों के व्यापार को स्थिरता प्रदान करेगा?
जी हां, यह समझौता आपसी व्यापार में स्थिरता और भरोसा बनाए रखने में मदद करेगा।
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