भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का अगला चरण 20 अप्रैल से वाशिंगटन में शुरू होगा
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नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को लेकर बातचीत का अगला चरण 20 अप्रैल से वाशिंगटन डीसी में आरंभ होगा। यह वार्ता तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें भारतीय अधिकारियों की एक टीम शामिल होगी।
इस बैठक का संचालन भारत के प्रमुख वार्ताकार दर्पण जैन करेंगे, जो वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव हैं। उनके साथ कस्टम विभाग और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी इस वार्ता में भाग लेंगे।
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका की टैरिफ नीति में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आपातकालीन शक्तियों के तहत लागू किए गए व्यापक टैरिफ को चुनौती का सामना करना पड़ा था। इसके बाद, अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से सभी देशों के आयात पर 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लागू किया है।
इस परिवर्तन ने वैश्विक व्यापार परिदृश्य को प्रभावित किया है और दोनों देशों को अपने प्रस्तावित समझौते की रूपरेखा पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य किया है। यह समझौता प्रारंभ में 7 फरवरी को प्रस्तुत किया गया था।
अधिकारी मानते हैं कि नए टैरिफ ढांचे के कारण इस डील में संशोधन आवश्यक हो सकता है। पहले, अमेरिका ने भारत के उत्पादों पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति व्यक्त की थी, जिसमें रूस से तेल खरीद से संबंधित कुछ दंडात्मक शुल्क हटाना भी शामिल था।
हालांकि, अब सभी देशों पर समान 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के कारण भारत को मिलने वाला तुलनात्मक लाभ कम हो गया है, जिससे पुनर्विचार की आवश्यकता बढ़ गई है।
वार्ता में टैरिफ के अलावा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) द्वारा शुरू की गई सेक्शन 301 के तहत दो एकतरफा जांचों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए समाप्त करने की मांग की है।
बीटीए के प्रारंभिक ढांचे में भारत ने अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती या समाप्ति का प्रस्ताव दिया था, जिसमें सोयाबीन तेल, ड्राई फ्रूट्स, फल, वाइन, स्पिरिट्स और पशु आहार जैसे उत्पाद शामिल हैं।
भारत ने ऊर्जा, एविएशन, टेक्नोलॉजी, कीमती धातुओं और कोकिंग कोल जैसे क्षेत्रों में अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर तक के आयात बढ़ाने की इच्छा भी जताई है।