भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की बैठक का पुनर्निर्धारण
सारांश
Key Takeaways
- मीटिंग का पुनर्निर्धारण अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के परिणामस्वरूप हुआ है।
- ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया।
- दोनों पक्षों के लिए नई तारीख जल्द तय की जाएगी।
- कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ उपायों को अवैध बताया।
- यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर एक महत्वपूर्ण मीटिंग होने वाली थी, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों ने इस अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते की ऑफिशियल मीटिंग को पुनर्निर्धारित करने का निर्णय लिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दिया, जिसके बाद ट्रंप ने पहले 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया। इन घटनाक्रमों के मद्देनजर, दोनों देशों ने मीटिंग को पुनर्निर्धारित किया है।
दोनों पक्ष अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रभावों पर विचार करने के लिए मीटिंग पुनर्निर्धारित कर रहे हैं। पहले यह मीटिंग 23 फरवरी को अमेरिका में होने वाली थी, जिसमें दोनों देशों के मुख्य व्यापार वार्ताकार शामिल होंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय टीम का वॉशिंगटन का प्रस्तावित दौरा बाद में होगा। पहले, दोनों पक्ष अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संबंधित हालिया अपडेट का अध्ययन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि नई तारीख तय करने का निर्णय लिया जाएगा जो दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक हो।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के बड़े झटके के बाद, ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद, कल जारी किए गए टैरिफ पर बेतुके और बहुत ज्यादा अमेरिका विरोधी फैसले की समीक्षा के आधार पर, मैं अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर देशों पर तुरंत लागू होने वाले 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दूंगा।"
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ उपायों को रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि कार्यकारी शाखा ने इमरजेंसी पावर का दुरुपयोग किया है।
जजों ने 6-3 के फैसले में कहा कि अमेरिका में आने वाले उत्पादों पर टैरिफ लगाने का ट्रंप का तरीका 1977इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत कानूनी नहीं था।
इस फैसले के बाद ट्रंप के कई, लेकिन सभी नहीं, टैरिफ अमान्य हो गए। गवर्नरों के साथ बैठक के दौरान इस बारे में जानकारी मिलने के बाद गुस्साए ट्रंप ने फैसले को शर्मनाक बताया और कहा कि उनके पास एक बैकअप योजना है।