भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत आगे बढ़ी, 1-4 जून को नई दिल्ली में USTR प्रतिनिधिमंडल की यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 4 जून 2026 को पुष्टि की कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) कार्यालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 1 जून से 4 जून 2026 तक नई दिल्ली में रहा, जहाँ दोनों पक्षों के अधिकारियों ने व्यापार से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य घटनाक्रम
USTR प्रतिनिधिमंडल चीफ नेगोशिएटर के नेतृत्व में भारत आया और चार दिनों की गहन वार्ता में शामिल रहा। बातचीत में वस्तुओं के व्यापार, गैर-टैरिफ उपायों, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुगमता, आर्थिक सुरक्षा समन्वय तथा आपसी हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों ने कई बातचीत के रास्तों पर हुए विकास की समीक्षा की और आर्थिक सहयोग को गहरा करने के व्यावहारिक उपाय तलाशे।
7 फरवरी के संयुक्त बयान की पृष्ठभूमि
यह वार्ता का नया दौर 7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका द्वारा जारी संयुक्त बयान के बाद हुआ, जिसमें दोनों पक्ष एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमत हुए थे। उस फ्रेमवर्क का मकसद परस्पर लाभकारी व्यापार सुनिश्चित करना और एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराना था। गौरतलब है कि यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया की सबसे बड़ी और पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
वाणिज्य मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि बातचीत 'कंस्ट्रक्टिव और सकारात्मक' रही, जो दोनों पक्षों के बीच 'सहयोग और व्यावहारिक सोच की भावना' को दर्शाती है। मंत्रालय ने आगे स्पष्ट किया, 'दोनों पक्षों ने आपसी फायदे वाले समझौते को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा।'
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह वार्ता नई दिल्ली और वाशिंगटन की उन व्यापक कोशिशों का हिस्सा है, जिनके ज़रिए दोनों देश व्यावसायिक संबंधों को संस्थागत रूप देना चाहते हैं और व्यापार से जुड़ी चिंताओं को एक संरचनात्मक फ्रेमवर्क के माध्यम से दूर करना चाहते हैं। आलोचकों का कहना है कि अब तक की बातचीत में ठोस टैरिफ रियायतों और बाज़ार पहुँच पर विशिष्ट प्रगति का सार्वजनिक खुलासा नहीं हुआ है, जो समझौते की वास्तविक गति का सही आकलन करने में बाधा बनती है।
क्या होगा आगे
दोनों देशों ने परस्पर लाभकारी समझौते की दिशा में काम जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। बातचीत के अगले दौर की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार दोनों पक्ष निकट भविष्य में फिर मिलने की योजना बना रहे हैं।