25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विजिनजम बंदरगाह पर 18 अगस्त से एक्सिम कार्गो संचालन, सीएम सतीशन करेंगे शुभारंभ

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विजिनजम बंदरगाह पर 18 अगस्त से एक्सिम कार्गो संचालन, सीएम सतीशन करेंगे शुभारंभ

सारांश

विजिनजम बंदरगाह अब सिर्फ ट्रांसशिपमेंट केंद्र नहीं रहेगा — 18 अगस्त से एक्सिम कार्गो संचालन के साथ यह केरल और दक्षिण भारत के व्यापारियों के लिए सीधा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग गेटवे बनेगा। सीएम सतीशन के हाथों शुभारंभ के साथ बंदरगाह विकास का नया अध्याय शुरू होगा।

मुख्य बातें

विजिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह 18 अगस्त 2026 से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (एक्सिम) कार्गो संचालन शुरू करेगा।
सतीशन आधिकारिक शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
प्रारंभ में केवल फुल कंटेनर लोड (एफसीएल) कंटेनरों की डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) की अनुमति; आयातकों को 48 घंटे में कंटेनर ले जाना होगा।
सीएफएस पूरी तरह चालू न होने के कारण एलसीएल कार्गो और ढीले माल को फिलहाल अनुमति नहीं।
कोच्चि के कस्टम (प्रिवेंटिव) आयुक्त ने विस्तृत परिचालन ढाँचा जारी किया है।
बंदरगाह के विकास में ऊम्मन चांडी , पिनराई विजयन और अब वी.डी.
सतीशन — तीन मुख्यमंत्रियों का योगदान रहा है।

केरल का विजिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह 18 अगस्त 2026 से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (एक्सिम) कार्गो संचालन की शुरुआत करेगा, जिससे यह देश का नया गहरे समुद्र वाला बंदरगाह केवल अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के विदेशी व्यापार का एक प्रमुख प्रवेश-द्वार बनेगा। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन इस अवसर पर आधिकारिक शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

बंदरगाह का विस्तारित दायरा

अब तक विजिनजम बंदरगाह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में कार्यरत था, जहाँ बड़े मालवाहक जहाजों (मदर वेसल) से कंटेनरों को छोटे फीडर जहाजों में स्थानांतरित किया जाता था। 18 अगस्त से यह बंदरगाह भारतीय आयात और निर्यात कार्गो की आवाजाही भी संभालेगा, जिससे केरल और आसपास के राज्यों के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं तक सीधी पहुँच मिलेगी।

कस्टम संचालन ढाँचा

कोच्चि के कस्टम (प्रिवेंटिव) आयुक्त ने एक्सिम कार्गो संचालन के लिए विस्तृत परिचालन ढाँचा जारी किया है। इसमें शिपिंग कंपनियों, निर्यातकों, आयातकों, कस्टम ब्रोकरों, टर्मिनल ऑपरेटरों और लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के लिए कस्टम नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लेख किया गया है।

चूँकि कंटेनर फ्रेट स्टेशन (सीएफएस) अभी पूरी तरह चालू नहीं हुआ है, इसलिए सेवाएँ प्रारंभ में चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी।

आयात-निर्यात की शर्तें

आयात के अंतर्गत फिलहाल केवल फुल कंटेनर लोड (एफसीएल) कंटेनरों की डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) की अनुमति होगी। आयातकों को कंटेनर 48 घंटे के भीतर सीधे अपने परिसर तक ले जाना अनिवार्य होगा। लेस दैन कंटेनर लोड (एलसीएल) कार्गो या सीएफएस में जाँच की आवश्यकता वाले कंटेनरों को प्रारंभिक चरण में अनुमति नहीं मिलेगी।

निर्यात के लिए केवल फैक्टरी में भरे और स्वयं अथवा कस्टम द्वारा सील किए गए एफसीएल कंटेनर ही डायरेक्ट पोर्ट एंट्री (डीपीई) के तहत स्वीकार किए जाएँगे। बंदरगाह परिसर में पैकिंग या जाँच की आवश्यकता वाले ढीले माल को फिलहाल स्वीकार नहीं किया जाएगा। कस्टम विभाग ने विजिनजम और इनलैंड कंटेनर डिपो, विशेष आर्थिक क्षेत्र, लैंड कस्टम स्टेशन तथा अन्य अधिसूचित कस्टम केंद्रों के बीच सड़क मार्ग से कंटेनर परिवहन की भी अनुमति दी है।

राजनीतिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह उपलब्धि राजनीतिक दृष्टि से भी उल्लेखनीय है। ऊम्मन चांडी सरकार के कार्यकाल में विजिनजम परियोजना को आगे बढ़ाया गया, पिनराई विजयन के नेतृत्व में बंदरगाह का निर्माण पूरा हुआ और इसे अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में संचालित किया गया। अब वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में यह बंदरगाह पूर्ण एक्सिम संचालन के नए चरण में प्रवेश करेगा — यह केरल की सबसे बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

आगे की राह

प्रत्यक्ष आयात-निर्यात सेवाओं की शुरुआत से विजिनजम बंदरगाह एक व्यापक समुद्री लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा और वैश्विक शिपिंग नेटवर्क में केरल की भूमिका और सुदृढ़ होगी। सीएफएस के पूरी तरह चालू होने के बाद एलसीएल कार्गो और अन्य श्रेणियों को भी सेवाओं में शामिल किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चरणबद्ध शुरुआत की सीमाएँ — एलसीएल कार्गो पर रोक, सीएफएस की अनुपलब्धता — यह संकेत देती हैं कि 'पूर्ण संचालन' अभी भी अधूरा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या केरल और दक्षिण भारत के निर्यातक कोलंबो और सिंगापुर जैसे प्रतिस्पर्धी हब की तुलना में विजिनजम को किफायती और विश्वसनीय पाते हैं। बंदरगाह की भू-रणनीतिक स्थिति — अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन के निकट — एक वास्तविक लाभ है, परंतु लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और कनेक्टिविटी में निवेश के बिना यह संभावना कागज़ी ही रहेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजिनजम बंदरगाह पर एक्सिम कार्गो संचालन कब से शुरू होगा?
विजिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह पर एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (एक्सिम) कार्गो संचालन 18 अगस्त 2026 से शुरू होगा। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन इस अवसर पर आधिकारिक शुभारंभ करेंगे।
विजिनजम बंदरगाह पर एक्सिम संचालन क्यों महत्वपूर्ण है?
अब तक विजिनजम केवल अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में कार्यरत था। एक्सिम संचालन शुरू होने से केरल और आसपास के राज्यों के व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं तक सीधी पहुँच मिलेगी और बंदरगाह एक व्यापक समुद्री लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।
शुरुआत में विजिनजम पर किस तरह का कार्गो स्वीकार किया जाएगा?
प्रारंभिक चरण में केवल फुल कंटेनर लोड (एफसीएल) कंटेनरों की डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) की अनुमति होगी और आयातकों को 48 घंटे के भीतर कंटेनर अपने परिसर ले जाना होगा। लेस दैन कंटेनर लोड (एलसीएल) कार्गो और ढीले माल को फिलहाल अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि सीएफएस अभी पूरी तरह चालू नहीं है।
विजिनजम बंदरगाह के लिए कस्टम ढाँचा किसने जारी किया है?
कोच्चि के कस्टम (प्रिवेंटिव) आयुक्त ने एक्सिम कार्गो संचालन के लिए विस्तृत परिचालन ढाँचा जारी किया है। इसमें शिपिंग कंपनियों, निर्यातकों, आयातकों, कस्टम ब्रोकरों, टर्मिनल ऑपरेटरों और लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के लिए नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लेख है।
विजिनजम बंदरगाह परियोजना में किन मुख्यमंत्रियों की भूमिका रही है?
विजिनजम परियोजना को ऊम्मन चांडी सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ाया गया, पिनराई विजयन के नेतृत्व में बंदरगाह का निर्माण पूरा हुआ और इसे ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में शुरू किया गया। अब वी.डी. सतीशन के कार्यकाल में यह पूर्ण एक्सिम संचालन के नए चरण में प्रवेश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले