रानी की वाव के 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग शो को वाव अवार्ड्स एशिया 2026 में गोल्ड अवार्ड
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के पाटन स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल रानी की वाव के 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग शो और हेरिटेज लाइटिंग प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता मिली है। इस इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति को 17वें वाव अवार्ड्स एशिया 2026 में 'एक्सपीरिएंशियल टेक अवार्ड्स – इवेंट के लिए ऑडियो-विजुअल में उपलब्धि' श्रेणी में गोल्ड अवार्ड से नवाज़ा गया है। यह सम्मान भारत की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति दिलाता है।
परियोजना का विवरण
गुजरात सरकार ने पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध करने के उद्देश्य से रानी की वाव परिसर में अत्याधुनिक 3डी प्रोजेक्शन मैपिंग तकनीक और हेरिटेज लाइटिंग सिस्टम स्थापित किया। इस शो के ज़रिए रानी की वाव की बारीक वास्तुकला, गहरे इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को रोशनी, ध्वनि और दृश्य प्रभावों के अनूठे संयोजन से जीवंत किया जाता है।
परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च को वर्चुअल माध्यम से किया था। तब से संबंधित एजेंसी शो के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, 12 जुलाई तक 44,209 से अधिक लोग इस ऑडियो-विजुअल शो का अनुभव ले चुके हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि घरेलू और विदेशी पर्यटकों के बीच इस प्रस्तुति को व्यापक सराहना मिल रही है। रानी की वाव पहले से ही हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती है, और इस शो ने उस आकर्षण को और गहरा किया है।
अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार का महत्व
वाव अवार्ड्स एशिया इवेंट और अनुभव उद्योग में एशिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिना जाता है। इस परियोजना को प्रस्तुत करने वाली एजेंसी की ओर से नामांकन के बाद गोल्ड अवार्ड मिलना इस बात का प्रमाण है कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को तकनीकी नवाचार से प्रस्तुत करने का यह प्रयोग वैश्विक स्तर पर सराहनीय माना गया है।
सरकार का दृष्टिकोण
गुजरात सरकार का कहना है कि इस तरह की तकनीक-आधारित पहलें विरासत स्थलों के संरक्षण और प्रचार दोनों में सहायक हैं, साथ ही राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी बल देती हैं। रानी की वाव में यह प्रोजेक्ट ऐतिहासिक धरोहरों को डिजिटल युग से जोड़ने का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है।
आगे की राह
यह पुरस्कार अन्य राज्यों को भी अपने विरासत स्थलों पर इसी तरह के इमर्सिव अनुभव विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की 'देखो अपना देश' जैसी पहलों के साथ मिलकर यह प्रोजेक्ट घरेलू पर्यटन को नई ऊँचाई देने की क्षमता रखता है।