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क्या 'वेव्स 2025' भारत को वैश्विक रचनात्मक केंद्र बनाने में मदद करेगा?

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क्या 'वेव्स 2025' भारत को वैश्विक रचनात्मक केंद्र बनाने में मदद करेगा?

सारांश

भारत ने 'वेव्स 2025' कार्यक्रम के जरिए वैश्विक रचनात्मकता में अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक लहर के रूप में वर्णित किया है। क्या यह कार्यक्रम भारत को एक वैश्विक रचनात्मक केंद्र बनाने में सहायक होगा?

मुख्य बातें

90 से अधिक देशों ने 'वेव्स 2025' में भाग लिया।
10,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे संस्कृति की लहर बताया।
200 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग देने का उद्देश्य।
4,334 करोड़ रुपए का व्यापार और निवेश की संभावनाएं।

नई दिल्ली, 31 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ‘वेव्स 2025’ कार्यक्रम में इस वर्ष 90 से अधिक देशों ने भाग लिया। इसमें 10,000 से अधिक प्रतिनिधि, 1,000 रचनात्मक लोग, 300 से ज्यादा कंपनियाँ, 350 से अधिक स्टार्टअप्स और लगभग 1 लाख लोग शामिल हुए। यह जानकारी सरकार ने बुधवार को साझा की।

सरकार ने कहा कि इस कार्यक्रम में ब्रॉडकास्टिंग, मनोरंजन, एवीजीसी-एक्सआर, फिल्म और डिजिटल मीडिया जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

इस साल, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

इन सभी पहलों में सबसे बड़ा कार्यक्रम ‘वेव्स 2025’ था, जिसे विश्व ऑडियो-विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन कहा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कृति, रचनात्मकता और पूरी दुनिया को जोड़ने वाली एक लहर बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 'क्रिएट इन इंडिया, क्रिएट फॉर द वर्ल्ड' के दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने निवेशकों और युवाओं को भारत के बढ़ते रचनात्मक क्षेत्र से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया।

मंत्रालय के अनुसार, 'क्रिएटोस्फीयर' एक ऐसा मंच है जहां रचनाकारों को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया। यहां फिल्म, वीएफएक्स, वीआर, एनीमेशन, गेमिंग, कॉमिक्स, संगीत, ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में नए विचारों को वास्तविकता में बदला गया।

इस मंच ने भारत और विदेशों के बड़े रचनात्मक व्यक्तियों को एक साथ लाया, जिससे आपसी संवाद, साझेदारी, नए विचारों और दुनिया के सामने प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

मंत्रालय ने बताया कि सीआईसी सीजन-I को 'भारत का सबसे बड़ा रचनात्मक प्रतिभा आंदोलन' कहा गया और इसे वैश्विक समर्थन मिला।

इस सीजन में 33 अलग-अलग श्रेणियाँ थीं, जिसमें भारत और 60 से अधिक देशों से 1 लाख से अधिक एंट्रीज आईं। वेव्स कार्यक्रम में 8 क्रिएटिव जोन बनाए गए, जहां 750 से अधिक फाइनलिस्टों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं युवा रचनाकारों से बातचीत की, उनके नवाचारों को देखा और भारत को एक वैश्विक कंटेंट केंद्र बनाने की क्षमता के बारे में बताया।

इस सीजन के समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 150 से अधिक रचनाकारों को 'वेव्स क्रिएटर्स अवार्ड्स' से सम्मानित किया। इससे सरकार की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की सोच स्पष्ट होती है।

'वेवएक्स' का उद्देश्य 200 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग देना है। इसके तहत 30 से ज्यादा स्टार्टअप्स को माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और लुमिकाई जैसी बड़ी कंपनियों के सामने अपने विचार रखने का अवसर मिला। लगभग 100 स्टार्टअप्स ने प्रदर्शनी में अपने समाधान प्रस्तुत किए।

अगस्त से नवंबर 2025 के बीच 'वेव्स बाजार' ने चार महाद्वीपों में आयोजित 12 अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और भारत में 4 बड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। इससे लगभग 4,334 करोड़ रुपए के व्यापार और निवेश की संभावनाएं बनीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि 'वेव्स 2025' कार्यक्रम ने भारतीय रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। यह न केवल रचनाकारों के लिए अवसर प्रदान करता है, बल्कि भारत को एक वैश्विक कंटेंट केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी बढ़ता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेव्स 2025 का उद्देश्य क्या है?
वेव्स 2025 का उद्देश्य भारत को एक वैश्विक रचनात्मक केंद्र बनाना और रचनाकारों को एक मंच प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम में कितने देशों ने भाग लिया?
इस कार्यक्रम में 90 से अधिक देशों ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम को कैसे वर्णित किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे संस्कृति और रचनात्मकता की एक लहर बताया।
इस कार्यक्रम में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
इसमें 10,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
क्या स्टार्टअप्स को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया?
हाँ, इस कार्यक्रम में 350 से अधिक स्टार्टअप्स ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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