सनी देओल का एक डायलॉग और पूरा सेट हो जाता था खामोश — कनिका कपूर ने बताया यादगार अनुभव
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म से दस्तक देने जा रहीं अभिनेत्री कनिका कपूर इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। उनकी डेब्यू फिल्म 'बटवारा 1947' — जो राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी है — 1947 के भारत विभाजन की पीड़ा और उस दौर की मानवीय कहानियों को पर्दे पर उतारती है। फिल्म की शूटिंग के दौरान कनिका को जो अनुभव मिले, वे उनके लिए जीवनभर की थाती बन गए हैं।
सनी देओल के अभिनय का जादू
कनिका कपूर ने बताया कि सनी देओल से उनकी पहली मुलाकात राजवीर देओल की डेब्यू फिल्म 'दोनों' के सेट पर हुई थी। उन्होंने कहा, ''वह हमेशा बेहद शालीनता से पेश आते थे। सेट पर उन्हें काम करते हुए देखना मेरे लिए बेहद यादगार रहा।'' कनिका ने याद किया कि उस फिल्म में एक-दो दृश्यों में उनकी छोटी-सी भूमिका थी, जिस दौरान वे सनी देओल को अभिनय करते हुए ध्यान से देखती थीं।
उन्होंने कहा, ''जिस तरह से वह अपने डायलॉग्स बोलते थे, वह देखने लायक था। वह एक डायलॉग बोलते और पूरा सेट खामोश हो जाता था। हर टेक के बाद लोग तालियाँ बजाते थे। उन्हें अभिनय करते देखना अपने आप में एक शानदार अनुभव था।''
'बटवारा 1947' का वह भावुक लुक टेस्ट
'बटवारा 1947' की शूटिंग से जुड़ी एक विशेष स्मृति साझा करते हुए कनिका ने कहा, ''इस फिल्म में काम करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा रहा।'' उन्होंने बताया कि करण देओल के साथ फाइनल लुक टेस्ट के दिन शूटिंग शुरू होने से पहले ही उनसे एक भावनात्मक दृश्य करवाया गया। उस दिन सेट पर प्रीति जिंटा और सनी देओल भी मौजूद थे।
कनिका ने बताया, ''डायरेक्टर के 'कट' कहने तक मैं पूरी तरह किरदार में थी। जैसे ही सीन खत्म हुआ, मेरी आँखों में आँसू थे और मैं लगातार रो रही थी। मैं किरदार में इस कदर डूब गई थी कि कैमरे के पीछे क्या हो रहा है, मुझे कुछ पता नहीं था।''
प्रीति जिंटा की तारीफ ने बदल दिया पल
कनिका ने बताया कि अचानक उन्हें तालियों की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने कहा, ''मैंने धुंधली नज़रों से देखा, तो सेट पर मौजूद लोग खड़े होकर मेरे लिए तालियाँ बजा रहे थे। उनमें प्रीति जिंटा का भी चेहरा था। मुझे विश्वास नहीं हुआ — मैंने तुरंत अपने आँसू पोंछे और देखा कि वाकई वह खड़ी होकर मेरे अभिनय की तारीफ कर रही थीं।''
उन्होंने आगे कहा, ''मैंने प्रीति जिंटा को गले लगाया। उन्होंने कहा कि आपने शानदार अभिनय किया। यह तारीफ मेरे लिए इसलिए भी बहुत खास थी क्योंकि प्रीति जिंटा बचपन से ही मेरी पसंदीदा अभिनेत्री रही हैं। मैंने उन्हें 'कल हो ना हो' और 'कोई मिल गया' जैसी फिल्मों में देखा है। वह लंबे समय से मेरी आदर्श रही हैं।''
फिल्म की स्टारकास्ट और विषय
'बटवारा 1947' में करण देओल, अली फज़ल, शबाना आज़मी और अभिमन्यु सिंह जैसे दिग्गज कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। राजकुमार संतोषी — जो 'घायल', 'दामिनी' और 'लज्जा' जैसी सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं — इस बार विभाजन की त्रासदी को नए नज़रिए से पेश करने की तैयारी में हैं। यह फिल्म कनिका कपूर के लिए सिनेमाई सफर का पहला और बेहद महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।