झारखंड छात्र आंदोलन: BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का आरोप — राहुल गांधी के इशारे पर हुई पुलिस कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 11 अगस्त को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे पर हुई। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस ने कंटीले तार, वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
साहू ने 10 अगस्त को झारखंड के लिए 'काला दिवस' करार दिया। उनके अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान न केवल छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि मीडियाकर्मियों के कैमरे भी तोड़े गए — जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा, 'लाठी, गोली, बंदूक, वाटर कैनन और आंसू गैस से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती।'
राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप
साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है, फिर भी गांधी छात्रों की सीबीआई जाँच की मांग को लेकर राज्य सरकार पर दबाव नहीं बनाते। उन्होंने कहा कि एक ओर राहुल गांधी केंद्र में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, वहीं झारखंड के शिक्षा मंत्री की भूमिका पर चुप्पी साधे रहते हैं।
साहू ने चुनौती दी कि यदि राहुल गांधी में नैतिकता है तो उन्हें प्रयागराज जाने से पहले झारखंड आकर मुख्यमंत्री आवास के सामने छात्रों के साथ धरना देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार छात्रों की बात नहीं सुनती, तो कांग्रेस को सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।
हेमंत सोरेन की सराहना पर सवाल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पुलिस और प्रशासन के संयम की सराहना किए जाने पर भी साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई को किस आधार पर उचित ठहराया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।
झारखंड बंद और राष्ट्रीय स्वर
साहू ने भाजपा द्वारा आहूत झारखंड बंद को सफल बताया और कहा कि कम समय में बंद का आह्वान किए जाने के बावजूद राज्य की जनता ने व्यापक समर्थन दिया। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश का आंदोलन बन गया है। गौरतलब है कि एनडीए के सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है।
आगे की राह
साहू ने स्पष्ट किया कि छात्रों के न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी। उन्होंने जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को हर मंच पर उठाती रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।