11 अगस्त 2026
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झारखंड छात्र आंदोलन: BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का आरोप — राहुल गांधी के इशारे पर हुई पुलिस कार्रवाई

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झारखंड छात्र आंदोलन: BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का आरोप — राहुल गांधी के इशारे पर हुई पुलिस कार्रवाई

सारांश

झारखंड BJP अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि 10 अगस्त को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई राहुल गांधी के इशारे पर हुई। उन्होंने राहुल पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कांग्रेस को झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की चुनौती दी।

मुख्य बातें

झारखंड BJP अध्यक्ष आदित्य साहू ने 11 अगस्त को रांची में प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी पर छात्र दमन का आरोप लगाया।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर कंटीले तार, वाटर कैनन , आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल हुआ — साहू का दावा।
साहू ने आरोप लगाया कि छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़े गए ।
राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप — केंद्र में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, लेकिन झारखंड के शिक्षा मंत्री पर चुप्पी।
साहू ने कांग्रेस को झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की चुनौती दी।
भाजपा आहूत झारखंड बंद को साहू ने सफल बताया; एनडीए सांसदों ने संसद में भी छात्रों का समर्थन किया।

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 11 अगस्त को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे पर हुई। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस ने कंटीले तार, वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

साहू ने 10 अगस्त को झारखंड के लिए 'काला दिवस' करार दिया। उनके अनुसार, पुलिस कार्रवाई के दौरान न केवल छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि मीडियाकर्मियों के कैमरे भी तोड़े गए — जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा, 'लाठी, गोली, बंदूक, वाटर कैनन और आंसू गैस से छात्रों की आवाज नहीं दबाई जा सकती।'

राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप

साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है, फिर भी गांधी छात्रों की सीबीआई जाँच की मांग को लेकर राज्य सरकार पर दबाव नहीं बनाते। उन्होंने कहा कि एक ओर राहुल गांधी केंद्र में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, वहीं झारखंड के शिक्षा मंत्री की भूमिका पर चुप्पी साधे रहते हैं।

साहू ने चुनौती दी कि यदि राहुल गांधी में नैतिकता है तो उन्हें प्रयागराज जाने से पहले झारखंड आकर मुख्यमंत्री आवास के सामने छात्रों के साथ धरना देना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य सरकार छात्रों की बात नहीं सुनती, तो कांग्रेस को सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।

हेमंत सोरेन की सराहना पर सवाल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पुलिस और प्रशासन के संयम की सराहना किए जाने पर भी साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई को किस आधार पर उचित ठहराया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।

झारखंड बंद और राष्ट्रीय स्वर

साहू ने भाजपा द्वारा आहूत झारखंड बंद को सफल बताया और कहा कि कम समय में बंद का आह्वान किए जाने के बावजूद राज्य की जनता ने व्यापक समर्थन दिया। उन्होंने दावा किया कि यह आंदोलन अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश का आंदोलन बन गया है। गौरतलब है कि एनडीए के सांसदों ने संसद के भीतर और बाहर भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है।

आगे की राह

साहू ने स्पष्ट किया कि छात्रों के न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी। उन्होंने जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को हर मंच पर उठाती रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी परीक्षा तथ्यों से होनी चाहिए — क्या कांग्रेस ने वास्तव में राज्य सरकार पर कोई दबाव बनाया या नहीं, यह सार्वजनिक रिकॉर्ड से जाँचा जा सकता है। गौरतलब है कि झारखंड में गठबंधन सरकार की जवाबदेही का सवाल BJP के लिए चुनावी अवसर भी है। मीडियाकर्मियों के कैमरे तोड़े जाने का आरोप — यदि सत्य है — प्रेस स्वतंत्रता की दृष्टि से कहीं अधिक गंभीर मुद्दा है, जिसे सिर्फ दलीय बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि छात्रों की मूल मांग — सीबीआई जाँच — पर न BJP और न कांग्रेस ने ठोस रुख अपनाया है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई कब और कहाँ हुई?
10 अगस्त को रांची में झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई हुई। भाजपा के अनुसार इसमें कंटीले तार, वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया।
आदित्य साहू ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई राहुल गांधी के इशारे पर हुई। उन्होंने कहा कि राहुल अन्य राज्यों में छात्र मुद्दे उठाते हैं, लेकिन झारखंड में कांग्रेस समर्थित सरकार पर दबाव नहीं बनाते।
झारखंड छात्र आंदोलन की मूल मांग क्या है?
छात्र सीबीआई जाँच की मांग कर रहे हैं। यह आंदोलन अब राज्य स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है और एनडीए सांसदों ने संसद में भी इसे उठाया है।
भाजपा आहूत झारखंड बंद का क्या असर रहा?
आदित्य साहू ने झारखंड बंद को सफल बताया और कहा कि कम समय में आह्वान के बावजूद जनता ने व्यापक समर्थन दिया। हालाँकि बंद की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस मामले में क्या रुख है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस और प्रशासन के संयम की सराहना की है। भाजपा ने इस रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग को संयम कैसे कहा जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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