सासाराम में ₹122 करोड़ की बाईपास सड़क का लोकार्पण, CM सम्राट चौधरी ने 2030 तक पलायन रोकने का संकल्प दोहराया
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 अक्टूबर 2026 को रोहतास जिले के सासाराम में ₹122.39 करोड़ की लागत से निर्मित दो-लेन बाईपास सड़क का लोकार्पण किया। यह मार्ग बेदा से मोकर तक सिंचाई नहर के बाँध पर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) सहित बनाया गया है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होने की उम्मीद है।
युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ
लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री ने जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में 'वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा' के अंतर्गत आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस यात्रा में शामिल प्रतिभागी लगभग 20 दिनों तक परिवार से दूर रहकर वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा पर थे। सम्राट चौधरी ने सेवा यात्रियों के समर्पण की सराहना करते हुए युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
बिहार के विकास पर मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले और उसके बाद के भारत में अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के क्षेत्र में स्पष्ट अंतर दिखता है। उन्होंने बिहार में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर होने का उल्लेख किया। साथ ही उत्तर बिहार में बाढ़ और दक्षिण बिहार में सूखे की समस्या के मद्देनज़र जल प्रबंधन पर विशेष बल देने की बात कही।
उन्होंने दरभंगा और पूर्णिया में हवाई सेवा शुरू होने का ज़िक्र किया और कहा कि 2029 से पहले बिहार में 10 हवाई अड्डे संचालित करने का लक्ष्य है। पटना-सासाराम फोरलेन सड़क निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होने की भी जानकारी दी गई।
पलायन रोकने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2030 तक बिहार के लोगों को मजबूरी में रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। इसके लिए राज्य में रोज़गार और निवेश के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाए बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।
रोहतास जल संजीवनी अभियान
बाईपास लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने कायाकल्प अभियान के तहत जीर्णोद्धार किए गए एक पोखर का निरीक्षण किया और रोहतास जल संजीवनी अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकारियों को जिले के तालाबों, पोखरों और जलाशयों की नियमित सफाई, रखरखाव और अतिक्रमण-मुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन
इस अवसर पर उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मध्य प्रदेश के सांसद विष्णु दत्त शर्मा, और पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। आने वाले समय में पटना-सासाराम फोरलेन परियोजना और बिहार के शेष हवाई अड्डों की प्रगति यह तय करेगी कि राज्य सरकार के 2030 और 2029 के विकास लक्ष्य कितने व्यावहारिक साबित होते हैं।