6 अक्टूबर 2026
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सासाराम में ₹122 करोड़ की बाईपास सड़क का लोकार्पण, CM सम्राट चौधरी ने 2030 तक पलायन रोकने का संकल्प दोहराया

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सासाराम में ₹122 करोड़ की बाईपास सड़क का लोकार्पण, CM सम्राट चौधरी ने 2030 तक पलायन रोकने का संकल्प दोहराया

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सासाराम में ₹122.39 करोड़ की बाईपास सड़क का लोकार्पण किया और 2030 तक पलायन रोकने का संकल्प दोहराया। रोहतास जल संजीवनी अभियान की शुरुआत और 2029 तक 10 हवाई अड्डों का लक्ष्य — बिहार के बुनियादी ढाँचे की एक नई तस्वीर।

मुख्य बातें

CM सम्राट चौधरी ने 6 अक्टूबर 2026 को सासाराम में ₹122.39 करोड़ की दो-लेन बाईपास सड़क का लोकार्पण किया।
बाईपास बेदा से मोकर तक सिंचाई नहर के बाँध पर ROB सहित निर्मित है, जिससे शहरी यातायात सुगम होगा।
बिहार में सिंचित क्षेत्र 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हो गया है।
2029 से पहले बिहार में 10 हवाई अड्डे संचालित करने का लक्ष्य; पटना-सासाराम फोरलेन जल्द शुरू होगी।
सरकार का लक्ष्य — 2030 तक राज्य के नागरिकों का मजबूरी में पलायन बंद करना।
रोहतास जल संजीवनी अभियान का शुभारंभ; तालाबों-पोखरों की सफाई और अतिक्रमण-मुक्ति के निर्देश।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 अक्टूबर 2026 को रोहतास जिले के सासाराम में ₹122.39 करोड़ की लागत से निर्मित दो-लेन बाईपास सड़क का लोकार्पण किया। यह मार्ग बेदा से मोकर तक सिंचाई नहर के बाँध पर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) सहित बनाया गया है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होने की उम्मीद है।

युवा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ

लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री ने जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में 'वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा' के अंतर्गत आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस यात्रा में शामिल प्रतिभागी लगभग 20 दिनों तक परिवार से दूर रहकर वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा पर थे। सम्राट चौधरी ने सेवा यात्रियों के समर्पण की सराहना करते हुए युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

बिहार के विकास पर मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले और उसके बाद के भारत में अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के क्षेत्र में स्पष्ट अंतर दिखता है। उन्होंने बिहार में सिंचित भूमि का क्षेत्रफल 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर होने का उल्लेख किया। साथ ही उत्तर बिहार में बाढ़ और दक्षिण बिहार में सूखे की समस्या के मद्देनज़र जल प्रबंधन पर विशेष बल देने की बात कही।

उन्होंने दरभंगा और पूर्णिया में हवाई सेवा शुरू होने का ज़िक्र किया और कहा कि 2029 से पहले बिहार में 10 हवाई अड्डे संचालित करने का लक्ष्य है। पटना-सासाराम फोरलेन सड़क निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होने की भी जानकारी दी गई।

पलायन रोकने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2030 तक बिहार के लोगों को मजबूरी में रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। इसके लिए राज्य में रोज़गार और निवेश के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाए बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता।

रोहतास जल संजीवनी अभियान

बाईपास लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने कायाकल्प अभियान के तहत जीर्णोद्धार किए गए एक पोखर का निरीक्षण किया और रोहतास जल संजीवनी अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकारियों को जिले के तालाबों, पोखरों और जलाशयों की नियमित सफाई, रखरखाव और अतिक्रमण-मुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन

इस अवसर पर उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मध्य प्रदेश के सांसद विष्णु दत्त शर्मा, और पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। आने वाले समय में पटना-सासाराम फोरलेन परियोजना और बिहार के शेष हवाई अड्डों की प्रगति यह तय करेगी कि राज्य सरकार के 2030 और 2029 के विकास लक्ष्य कितने व्यावहारिक साबित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 2030 तक पलायन रोकने और 2029 तक 10 हवाई अड्डों के लक्ष्य की घोषणाएँ बड़े वादों की श्रेणी में आती हैं, जिनका मूल्यांकन समयसीमा के साथ होना चाहिए। बिहार दशकों से श्रम पलायन की समस्या से जूझ रहा है और रोज़गार सृजन की गति अभी भी पर्याप्त नहीं मानी जाती। हवाई अड्डों और फोरलेन सड़कों की घोषणाएँ तभी अर्थपूर्ण होंगी जब निवेश आकर्षण और औद्योगिक आधार भी मज़बूत हो — जो अभी तक बिहार की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सासाराम बाईपास सड़क क्या है और इसकी लागत कितनी है?
यह बेदा से मोकर तक सिंचाई नहर के बाँध पर रेलवे ओवर ब्रिज सहित निर्मित दो-लेन मार्ग है, जिसकी लागत ₹122.39 करोड़ है। इसका उद्देश्य सासाराम शहर में यातायात की भीड़ कम करना और आवागमन सुगम बनाना है।
वडनगर-वाराणसी सेवा यात्रा क्या है?
यह एक सेवा-आधारित यात्रा कार्यक्रम है जिसके तहत प्रतिभागी लगभग 20 दिनों तक वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा करते हैं। रोहतास जिले के जमुहार में इस यात्रा के अंतर्गत युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बिहार में 2030 तक पलायन रोकने की योजना क्या है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार 2030 तक बिहार में रोज़गार और निवेश के अवसर इतने बढ़ाएगी कि लोगों को मजबूरी में दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़े। इसके लिए बुनियादी ढाँचे, उद्योग और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जा रहा है।
रोहतास जल संजीवनी अभियान क्या है?
यह अभियान रोहतास जिले के तालाबों, पोखरों और जलाशयों की नियमित सफाई, रखरखाव तथा अतिक्रमण और प्रदूषण से मुक्ति के लिए शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने 6 अक्टूबर 2026 को इस अभियान का शुभारंभ किया।
बिहार में 2029 तक 10 हवाई अड्डों का लक्ष्य कितना व्यावहारिक है?
मुख्यमंत्री के अनुसार दरभंगा और पूर्णिया में हवाई सेवा पहले से शुरू हो चुकी है और 2029 तक 10 हवाई अड्डे संचालित करने का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की सफलता भूमि अधिग्रहण, केंद्रीय स्वीकृति और बजट आवंटन पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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