मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन में 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' के लिए 700 करोड़ की बाईपास सड़क का निर्माण करेगी

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मध्य प्रदेश सरकार उज्जैन में 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' के लिए 700 करोड़ की बाईपास सड़क का निर्माण करेगी

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' के लिए 700 करोड़ रुपए की बाईपास सड़क बनाने की घोषणा की है। यह परियोजना तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।

Key Takeaways

  • उज्जैन में 700 करोड़ की बाईपास सड़क का निर्माण।
  • सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के लिए बेहतर कनेक्टिविटी।
  • 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं की मेज़बानी की योजना।
  • राज्य सरकार का बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान।
  • महाकालेश्वर मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों का चौड़ीकरण।

उज्जैन, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' के आयोजन से पूर्व, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि उज्जैन में 700 करोड़ रुपए की लागत से एक नई बाईपास सड़क का निर्माण किया जाएगा।

'महाकाल: समय के स्वामी' विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी बाईपास परियोजना के लिए भूमि पूजन का समारोह संपन्न हो चुका है।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा, "यह 700 करोड़ रुपए की बाईपास सड़क विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई जा रही है। मैं उज्जैन की जनता को इस आधुनिक बुनियादी ढांचे के उपहार पर बधाई देता हूं।"

मुख्यमंत्री ने इस आयोजन की वैश्विक महत्ता पर जोर देते हुए कहा, "सिंहस्थ या कुंभ मेला केवल एक शहर या राज्य का त्योहार नहीं है, बल्कि यह विश्व का सबसे बड़ा जन-समागम है। हमारी (भाजपा) सरकार इस भव्य आयोजन के प्रबंधन में सभी हितधारकों के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।"

उन्होंने यह भी बताया कि आध्यात्मिक और वैज्ञानिक विकास के साथ-साथ, राज्य सरकार 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' के दौरान 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं की स्वागत हेतु उज्जैन में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

इस नई बाईपास सड़क के बन जाने से इस विशाल आयोजन के दौरान यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी और तीर्थयात्रियों तथा आगंतुकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

यह घोषणा मुख्यमंत्री की अन्य प्रमुख पहलों में शामिल है, जिसमें उज्जैन को 'समय की राजधानी' और एक आधुनिक विज्ञान शहर के रूप में विकसित करने की योजनाएं शामिल हैं; यह सिंहस्थ 2028 के लिए आध्यात्मिकता, विज्ञान और बुनियादी ढांचे के समन्वय को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री यादव ने 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' के लिए विभिन्न अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी घोषणा की।

इन परियोजनाओं में महाकालेश्वर मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों का चौड़ीकरण, नए पार्किंग क्षेत्रों का विकास, आधुनिक बस टर्मिनल और उज्जैन शहर में उन्नत जल निकासी तथा सीवरेज प्रणाली का निर्माण शामिल है।

राज्य सरकार ने अगले दो वर्षों में उज्जैन में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष रूप से 2,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है।

अतिरिक्त घोषणाओं में एक नए हेलीपैड का निर्माण, एयरपोर्ट की सुविधाओं का विस्तार और स्मार्ट सिटी सुविधाओं का विकास शामिल है, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए विश्वस्तरीय अनुभव सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम 'सिंहस्थ महाकुंभ 2028' को वैश्विक मंच पर एक भव्य और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक आयोजन बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

Point of View

जो उज्जैन को एक आधुनिक और सुविधाजनक तीर्थ स्थल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री की यह पहल न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को भी बेहतर बनाएगी।
NationPress
03/04/2026

Frequently Asked Questions

इस बाईपास सड़क का निर्माण कब शुरू होगा?
बाईपास सड़क का निर्माण शीघ्र ही शुरू होने की उम्मीद है, क्योंकि भूमि पूजन समारोह संपन्न हो चुका है।
सिंहस्थ महाकुंभ 2028 में कितने श्रद्धालुओं की उम्मीद है?
इस आयोजन के दौरान 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं की मेज़बानी की जाएगी।
क्या यह सड़क केवल सिंहस्थ महाकुंभ के लिए बनाई जा रही है?
हां, यह सड़क विशेष रूप से सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के आयोजन की सुगमता के लिए बनाई जा रही है।
इस बाईपास सड़क से यातायात पर क्या असर पड़ेगा?
नई बाईपास सड़क से भारी यातायात जाम की समस्या कम होने की संभावना है।
क्या अन्य बुनियादी ढाँचे की योजनाएँ हैं?
जी हां, उज्जैन में कई अन्य बुनियादी ढांचे की परियोजनाएँ भी प्रस्तावित हैं।
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