पश्चिम चंपारण बाढ़: CM सम्राट चौधरी के दौरे में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी घेरी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार, 30 सितंबर 2026 को पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे, लेकिन उनके दौरे के दौरान बैरिया ब्लॉक के बाथना स्थित राहत शिविर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पीड़ित निवासियों ने स्थानीय सांसदों और विधायकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे सुरक्षाकर्मियों को सतर्क होना पड़ा।
मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण और राहत शिविर दौरा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाथना स्थित पीएम श्री गवर्नमेंट प्लस-2 हाई स्कूल में स्थापित राहत शिविर पहुंचने से पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। शिविर में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के दौरान पीड़ितों से बातचीत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति असंतोष साफ दिखा।
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय हुआ जब गंडक नदी का जलस्तर बागाहा गेज पर अब तक के उच्चतम स्तर 91.25 मीटर पर पहुँच गया है — जो 2024 में दर्ज पिछले उच्चतम स्तर 90.90 मीटर से 0.35 मीटर अधिक है। बाढ़ से निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
राहत शिविर में नारेबाजी और तनाव
शिविर में बाढ़ पीड़ितों से बातचीत के दौरान कई निवासियों ने राहत व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों पर संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया।
माहौल तनावपूर्ण होते देख सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री चौधरी के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री राहत शिविर से रवाना हो गए।
सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी घेरने का आरोप
स्थानीय खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री के परिसर छोड़ने के बाद तनाव और बढ़ गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संजय जायसवाल और नरकटियागंज के स्थानीय विधायक सुरक्षा कारणों से कुछ समय तक स्कूल परिसर के भीतर रहे।
जब पुलिस ने जायसवाल को उनके वाहन तक पहुँचाने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर आक्रोशित निवासियों के एक समूह ने गाड़ी को घेर लिया। कथित तौर पर कुछ लोगों ने गाड़ी पर गोबर फेंका और हाथ से वार किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। अंततः पुलिसकर्मियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच सांसद को इलाके से सुरक्षित निकाला।
गंडक नदी का रिकॉर्ड जलस्तर और बिगड़ते हालात
गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बागाहा गेज पर नदी का स्तर 91.25 मीटर के ऐतिहासिक उच्च पर पहुँच गया है। जलस्तर में इस उछाल से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है, कई निचले इलाके जलमग्न हैं और राहत एजेंसियों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब प्रशासन पहले से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चला रहा था। अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और प्रभावित निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम जारी है।
आम जनता पर असर
राहत शिविर में पीड़ितों का आक्रोश इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर राहत वितरण की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। गंडक के रिकॉर्ड जलस्तर के चलते तटबंधों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है, और यदि स्थिति और बिगड़ी तो निचले इलाकों के हजारों परिवारों का विस्थापन और बढ़ सकता है। यह देखना होगा कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रतिनिधि इस जनाक्रोश के बाद राहत कार्यों में कितनी तेजी लाते हैं।