24 अक्टूबर 2026
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बिहार में मैन्युफैक्चरिंग सिटी का शुभारंभ: सीएम सम्राट चौधरी ने गयाजी में ₹16,500 करोड़ के निवेश की नींव रखी

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बिहार में मैन्युफैक्चरिंग सिटी का शुभारंभ: सीएम सम्राट चौधरी ने गयाजी में ₹16,500 करोड़ के निवेश की नींव रखी

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी में ₹16,500 करोड़ की मैन्युफैक्चरिंग सिटी का शुभारंभ किया — 1,670 एकड़ में 1.10 लाख नौकरियों का दावा। असली परीक्षा भूमि अधिग्रहण की समयसीमा और फरवरी 2027 के बिज़नेस समिट में होगी।

मुख्य बातें

सीएम सम्राट चौधरी ने 24 अक्टूबर 2026 को बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड का शुभारंभ किया।
परियोजना 1,670 एकड़ में विकसित होगी, जिसमें ₹16,500 करोड़ के निवेश और 1.10 लाख रोज़गार की संभावना है।
यह परियोजना अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत गयाजी के डोभी प्रखंड में आएगी।
उद्योगों के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी, जनवरी 2027 तक पूर्ण होने की संभावना।
बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन 17-18 फरवरी 2027 को होगा।
गया को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना भी घोषित।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अक्टूबर 2026 को बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड का औपचारिक शुभारंभ किया। इस परियोजना में करीब ₹16,500 करोड़ के निवेश की संभावना है और इससे 1.10 लाख रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी अवसर पर बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के कर्टेन रेज़र समारोह की भी शुरुआत हुई।

परियोजना का विस्तार और स्थान

गयाजी के डोभी प्रखंड में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत यह औद्योगिक नगरी लगभग 1,670 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। उद्योग विभाग के अनुसार इस्पात, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, अर्धचालक, इलेक्ट्रॉनिक्स, विद्युत वाहन, वाहन निर्माण और जैव ईंधन जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएँ हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री ने परियोजना का प्रतीक चिह्न जारी किया और उसकी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की। उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन 17 और 18 फरवरी 2027 को किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का संकल्प: सिर्फ MoU नहीं, ज़मीनी उत्पादन

सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल समझौता ज्ञापनों तक सीमित नहीं रहना चाहती। उन्होंने कहा, 'निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर उत्पादन और रोज़गार सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।' उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उद्योगों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसे जनवरी 2027 तक पूरा करने की संभावना है।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में देश का एक बड़ा पेय पदार्थ बोतलबंदी संयंत्र पहले ही स्थापित हो चुका है और एक इस्पात संयंत्र भी लगाया जा रहा है — जो राज्य के बदलते औद्योगिक परिदृश्य के संकेत हैं।

सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को भी जोड़ा

मुख्यमंत्री ने गया और बोधगया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए मगध के नाम पर एक टाउनशिप और सांस्कृतिक विरासत केंद्र विकसित करने की घोषणा की। उनका कहना है कि इससे पर्यटन, स्थानीय रोज़गार और आर्थिक गतिविधियों को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि बोधगया पहले से अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थस्थल है, और इसे औद्योगिक विकास के साथ जोड़ना एक रणनीतिक दृष्टिकोण है जो पर्यटन और उद्योग के बीच की खाई को पाटने की कोशिश करता है।

हवाई संपर्क और प्रवासी बिहारियों की भागीदारी

सम्राट चौधरी ने गया को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना का उल्लेख किया। इसके अलावा भागलपुर और सोनपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी हवाई संपर्क विस्तार पर जोर दिया गया। उन्होंने बिहार फाउंडेशन के माध्यम से 55 देशों से जुड़े प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपनी मातृभूमि के औद्योगिक विकास में योगदान दें।

समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और विदेशी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह व्यापक उपस्थिति परियोजना को दिए जा रहे राजनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।

अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी होती है या नहीं, और फरवरी 2027 के बिज़नेस कनेक्ट समिट में कितना ठोस निवेश प्रतिबद्धता में बदलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राज्य की औद्योगिक यात्रा का इतिहास बताता है कि MoU और ज़मीनी उत्पादन के बीच की खाई अक्सर चौड़ी रही है। मुख्यमंत्री ने खुद स्वीकार किया कि सरकार 'केवल समझौता ज्ञापनों तक सीमित नहीं रहना चाहती' — यह स्वीकारोक्ति ही पुराने अनुभव की याद दिलाती है। 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की जनवरी समयसीमा और फरवरी 2027 के बिज़नेस समिट — दोनों निकट हैं, और इन्हें पूरा करने का दबाव असली कसौटी होगा। 1.10 लाख रोज़गार के आँकड़े तब तक अनुमान ही हैं जब तक निवेश प्रतिबद्धताएँ सत्यापन-योग्य नियुक्तियों में नहीं बदलतीं।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया क्या है?
यह गयाजी के डोभी प्रखंड में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत लगभग 1,670 एकड़ में विकसित होने वाली औद्योगिक नगरी है। इसमें ₹16,500 करोड़ के निवेश और 1.10 लाख रोज़गार सृजन की संभावना बताई गई है।
इस परियोजना में कौन-से उद्योग क्षेत्र शामिल हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार इस्पात, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, अर्धचालक, इलेक्ट्रॉनिक्स, विद्युत वाहन, वाहन निर्माण और जैव ईंधन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएँ हैं। इसके अलावा सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 कब होगा?
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार के अनुसार बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन 17 और 18 फरवरी 2027 को किया जाएगा। इसका कर्टेन रेज़र समारोह 24 अक्टूबर 2026 को बोधगया में आयोजित हुआ।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री के अनुसार उद्योगों और आधारभूत संरचना के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसे जनवरी 2027 तक पूरा करने की संभावना जताई गई है।
गया को अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से कैसे जोड़ा जाएगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ने की योजना का उल्लेख किया। इसके साथ ही भागलपुर और सोनपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी हवाई संपर्क विस्तार की बात कही गई।
राष्ट्र प्रेस
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