जनता दर्शन में CM योगी का कड़ा निर्देश: दूसरी बार फरियादी आए तो अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों से सीधे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई पीड़ित एक ही वास्तविक समस्या लेकर दूसरी बार आया, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश का सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर उचित समस्या का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण कराया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित की संतुष्टि ही सरकार का ध्येय है और यदि किसी वास्तविक समस्या का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो यह 'अक्षम्य' है। योगी आदित्यनाथ स्वयं कुर्सियों पर बैठे फरियादियों तक पहुँचे और उनकी पीड़ा सुनकर समाधान का भरोसा दिलाया।
भूमि कब्जे की शिकायतें: कड़ी कार्रवाई के आदेश
जनता दर्शन में कई फरियादियों ने जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। मुख्यमंत्री ने इस पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के साथ-साथ दोषियों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए — पीड़ित को न्याय और दोषी को सजा मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री कार्यालय ने जनता दर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा: 'लोक-कल्याण एवं सुशासन की प्रतिबद्धता — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन में विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए।'
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राजस्व विवाद और भूमि कब्जे की शिकायतें लगातार जनता दर्शन में प्रमुखता से उठती रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियमित अंतराल पर ऐसे दर्शन आयोजित करते हैं जिससे आम नागरिक सीधे उनसे अपनी शिकायतें साझा कर सकें। गौरतलब है कि राजस्व मामलों में अधिकारियों को दिए जाने वाले सख्त निर्देश इस कार्यक्रम की एक निरंतर विशेषता रहे हैं।
आगे क्या
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब जिला-स्तरीय अधिकारियों पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ेगा। संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्रशासनिक कार्यशैली का आधार बनाने पर जोर दिया गया है। यह देखना होगा कि क्या जवाबदेही तय करने के इस निर्देश का जमीनी स्तर पर असर दिखता है और फरियादियों की दूसरी बार आने की नौबत कम होती है।