योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन: गोरखपुर में 200 लोगों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को संवेदनशील व्यवहार के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में जनता दर्शन का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने करीब 200 लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उसकी समस्या का समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार का संकल्प है।
जनता दर्शन का आयोजन
मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों के पास मुख्यमंत्री स्वयं पहुँचे और एक-एक कर सभी के प्रार्थना पत्र सुने। प्रत्येक प्रार्थना पत्र को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए उन्होंने त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का आदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों को मुख्य निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि किसी की ज़मीन पर अवैध कब्जा करने वाले और कमज़ोरों को उजाड़ने वाले लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए — उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भूमि-संपत्ति विवाद पारिवारिक प्रकृति का हो, तो संबंधित पक्षों को बिठाकर आपसी संवाद के माध्यम से निस्तारण कराया जाए।
राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में पूर्ण पारदर्शिता व निष्पक्षता बरतने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो नागरिक किसी कारण से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें शीघ्र लाभान्वित किया जाए।
स्वास्थ्य सहायता और आयुष्मान कार्ड
जनता दर्शन में कुछ लोग उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुँचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को सौंपते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि उपचार से जुड़ी अनुमान प्रक्रिया (एस्टीमेट) जल्द से जल्द पूरी कर शासन को उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उपस्थित ज़रूरतमंदों से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। जिनके पास यह कार्ड नहीं था, उनके लिए अधिकारियों को तत्काल कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का निशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाता है।
बच्चों से आत्मीय संवाद
जनता दर्शन में उपस्थित कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ आई थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया। इस दौरान उन्होंने एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया।
परंपरागत दिनचर्या: गोशाला भ्रमण
बुधवार सुबह अपनी परंपरागत दिनचर्या के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए गोशाला पहुँचे। यहाँ उन्होंने गोवंश के माथे पर हाथ फेरा, पीठ थपथपाई और अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। यह साप्ताहिक जनता दर्शन की दीर्घकालीन परंपरा का हिस्सा है, जो मुख्यमंत्री और आम नागरिकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा और सरकार की जन-समस्या निस्तारण प्रतिबद्धता की असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी।