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क्या सीएम योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए भरोसा दिया?

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क्या सीएम योगी ने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए भरोसा दिया?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का निरीक्षण किया। उन्होंने दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में सरकार के सहयोग का आश्वासन दिया। रोपवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और बाढ़ राहत शिविर में बच्चों को चॉकलेट बांटे। जानिए इस दौरे की खास बातें।

मुख्य बातें

दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण महत्वपूर्ण है।
रोपवे परियोजना का निर्माण तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर का दौरा किया।
सरकार ने सांस्कृतिक धरोहरों के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
रोपवे से यातायात की भीड़ कम होगी।

वाराणसी, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण एक उत्तरदायी कार्य है और इस दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री के वाराणसी स्थित एक परिसर में तीसरी बार आगमन पर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा किए गए स्वागत के उपरांत दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण की प्रगति का आकलन किया गया।

उन्होंने संरक्षण कार्य का स्थलीय निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया।

साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना विश्व की तीसरी और भारत की पहली सार्वजनिक परिवहन रोपवे प्रणाली है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रोपवे के शेष कार्यों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए।

यह रोपवे परियोजना लगभग 645 करोड़ रुपए की लागत से बन रही है। इसमें करीब 220 ट्रॉली कारें होंगी, जिनमें प्रत्येक में 10 यात्री बैठ सकेंगे। यह ट्रॉली कारें 45 मीटर की ऊंचाई पर चलेंगी और शहरवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी एक सुविधाजनक और आकर्षक साधन साबित होंगी।

इस बहुपरकारी रोपवे प्रणाली से यात्रियों और माल दोनों का परिवहन संभव होगा, जिससे वाराणसी में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने मौके पर राहत सामग्री वितरित की और बच्चों को चॉकलेट भी दिए। मुख्यमंत्री के हाथों से चॉकलेट पाकर बच्चे खुश होकर हंस पड़े।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संकेत है। यह न केवल स्थानीय कलाकृतियों की सुरक्षा का प्रयास है, बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण से यह समाज की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में क्या किया?
मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया।
रोपवे परियोजना की लागत क्या है?
यह रोपवे परियोजना लगभग 645 करोड़ रुपए की लागत से बन रही है।
दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में सरकार का क्या भूमिका है?
उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन देती है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविरों में क्या किया?
उन्होंने राहत सामग्री वितरित की और बच्चों को चॉकलेट प्रदान की।
रोपवे परियोजना कितनी ऊँचाई पर चलेगी?
यह ट्रॉली कारें 45 मीटर की ऊंचाई पर चलेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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