संगीतकार देवा का 76 वर्ष की आयु में निधन, तमिलनाडु CM विजय ने दी श्रद्धांजलि; राजकीय सम्मान की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
तमिल सिनेमा के दिग्गज संगीतकार और गायक देवा का शनिवार, 17 अक्टूबर को चेन्नई के कोडंबक्कम स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 76 वर्षीय देवा को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम साँस ली। उनके निधन की खबर से तमिल फिल्म उद्योग और संगीत प्रेमियों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई।
मुख्यमंत्री विजय की श्रद्धांजलि
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने नुंगमबक्कम स्थित देवा के आवास पर पहुँचकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर संगीतकार का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, जहाँ फिल्म जगत की हस्तियाँ और आम जनता बड़ी संख्या में पहुँची। मुख्यमंत्री का यह दौरा सार्वजनिक शोक और उद्योग की संवेदनाओं के बीच हुआ।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की कि सिनेमा और संगीत के क्षेत्र में देवा के असाधारण योगदान को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। यह घोषणा उनके निधन की खबर के तत्काल बाद की गई। अंतिम संस्कार की विस्तृत व्यवस्थाओं की जानकारी रिपोर्टिंग के समय तक उपलब्ध नहीं थी।
'थेनिसाई थेन्द्रल' की विरासत
'थेनिसाई थेन्द्रल' (दक्षिण की संगीत बयार) के नाम से विख्यात देवा ने अपनी सरल किंतु जीवंत धुनों, जोशीली लय और आम बोलचाल की भाषा में रचे गीतों से तमिल सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। उनका संगीत सिनेमाघरों की सीमाओं को पार कर उत्सवों, मंच प्रस्तुतियों और रोज़मर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया था।
देवा ने अपने करियर में कई प्रमुख अभिनेताओं की फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और तमिल के अलावा अन्य दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी योगदान दिया। एक गायक के रूप में भी उनकी आवाज़ ने श्रोताओं के दिलों में स्थायी छाप छोड़ी। सरल धुनों को प्रभावशाली संगीत संयोजन के साथ प्रस्तुत करने की उनकी विशेष क्षमता ने उन्हें हर पीढ़ी के दर्शकों का प्रिय बनाया।
उद्योग और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
देवा के निधन की खबर फैलते ही तमिल फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहयोगियों, कलाकारों और लाखों प्रशंसकों ने एक ऐसे संगीतकार को खोने का दर्द व्यक्त किया, जिनके गीत पीढ़ियों से श्रोताओं के दिलों में बसे हुए थे। राजकीय सम्मान की घोषणा ने इस सार्वजनिक शोक को एक आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की।
तमिल संगीत प्रेमियों के लिए देवा का जाना केवल एक संगीतकार की क्षति नहीं, बल्कि लोकप्रिय मनोरंजन के एक स्वर्णिम युग के एक महत्वपूर्ण स्तंभ का विदा होना है। उनकी विरासत उनके रचे गीतों में हमेशा जीवित रहेगी।