17 अक्टूबर 2026
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तमिल संगीतकार देवा का 75 साल की उम्र में निधन, 'थेनिसाई थेंड्रल' ने दुनिया को कहा अलविदा

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तमिल संगीतकार देवा का 75 साल की उम्र में निधन, 'थेनिसाई थेंड्रल' ने दुनिया को कहा अलविदा

सारांश

तमिल सिनेमा में गाना शैली के जनक और 'थेनिसाई थेंड्रल' के नाम से मशहूर संगीत निर्देशक देवा अब नहीं रहे। 75 वर्ष की आयु में इलैयाराजा और एआर रहमान के युग में अपनी अलग पहचान बनाने वाला यह फनकार चुप हो गया — उनकी गाना धुनें और रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्मों का संगीत उनकी अमर विरासत है।

मुख्य बातें

तमिल संगीत निर्देशक देवा का 17 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
उनका निधन चेन्नई के कोडंबक्कम स्थित सूर्या अस्पताल में हुआ।
उन्होंने रजनीकांत की 'अण्णामलाई' , 'अरुणाचलम' और 'बाशा' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में संगीत दिया था।
तमिल सिनेमा में गाना शैली को लोकप्रिय बनाने का श्रेय देवा को दिया जाता है; उन्होंने 1986 में डेब्यू किया था।
तमिलनाडु सरकार के कलैमामणि पुरस्कार और 1990 स्टेट फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित थे।
उनके पुत्र श्रीकांत देवा संगीत निर्देशक हैं और भतीजे जय तमिल सिनेमा के अभिनेता हैं।

तमिल सिनेमा के दिग्गज संगीत निर्देशक देवा, जिन्हें 'थेनिसाई थेंड्रल' की उपाधि से नवाज़ा गया था, ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित कोडंबक्कम के सूर्या अस्पताल में उनका निधन हुआ, जहाँ तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें भर्ती कराया गया था। उनके जाने से पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूब गई है।

अंतिम समय और अस्पताल में भर्ती

इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, देवा की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें तत्काल सूर्या अस्पताल, कोडंबक्कम में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान वे स्वास्थ्य नहीं सुधार सके और उन्होंने दम तोड़ दिया। करीबी सूत्रों के अनुसार, शनिवार दोपहर 2 बजे उनका पार्थिव शरीर वडापलानी स्थित उनके आवास पर लाया जाना था, जहाँ उद्योग के लोग और आम श्रद्धालु उन्हें अंतिम विदाई दे सकते थे।

करियर और विरासत

देवा ने 1986 में तमिल फिल्म 'माटुकारा मन्नारु' से अपने सिनेमाई सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने सुपरस्टार रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्मों — 'अण्णामलाई', 'अरुणाचलम' और 'बाशा' — में संगीत देकर अपनी अमिट छाप छोड़ी। तमिल सिनेमा में गाना शैली को लोकप्रिय बनाने का श्रेय देवा को ही जाता है — उन्होंने इस लोक-आधारित संगीत परंपरा को मुख्यधारा सिनेमा तक पहुँचाया।

गौरतलब है कि देवा ने 1990 में पहली बार तमिलनाडु सरकार का स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता था। बाद में उन्हें राज्य सरकार के प्रतिष्ठित कलैमामणि पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार तमिलनाडु की कला और संस्कृति में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।

देवा के अपने शब्दों में — गाना शैली की कहानी

महज कुछ हफ्ते पहले ही देवा ने तमिल फिल्म 'मिसाया मुरुक्कु 2' के सक्सेस मीट में शिरकत की थी। वहाँ उन्होंने गाना शैली अपनाने के पीछे की कहानी साझा की थी। उन्होंने कहा था, 'मैं 28वां संगीत निर्देशक था जिसने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, उस समय इलैयाराजा का राज चलता था। मेरे से पहले 27 संगीत निर्देशकों ने डेब्यू किया था और टिक नहीं पाए। एक तरफ इलैयाराजा जैसे महान संगीतकार थे और दूसरी तरफ एआर रहमान। मैं जो भी गाना बनाता, वो या तो इलैयाराजा के गाने जैसा लगता या अगर वेस्टर्न नंबर बनाता तो रहमान जैसा लगता। ऐसे हालात में मैं अपनी एक अलग पहचान चाहता था, इसलिए मैं गाना शैली लेकर आया।'

परिवार और उत्तराधिकार

देवा का परिवार भी संगीत और सिनेमा की दुनिया से गहराई से जुड़ा है। उनके पुत्र श्रीकांत देवा स्वयं एक जाने-माने संगीत निर्देशक हैं। उनके भतीजे जय तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता हैं। यह ऐसे समय में आया है जब तमिल सिनेमा अपने स्वर्णिम दौर में है — देवा जैसे संगीतकार की विदाई उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

उद्योग की प्रतिक्रिया और आगे

देवा के निधन की खबर फैलते ही तमिल फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन पर श्रद्धांजलि का सिलसिला जारी है। उनकी विरासत — विशेषकर गाना शैली का योगदान — तमिल संगीत इतिहास में सदा अमर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस लोक-सांस्कृतिक धारा का शोक है जिसे देवा ने मुख्यधारा सिनेमा में जीवित रखा। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उनकी रजनीकांत फिल्मों तक सिमट जाती है, लेकिन असली विरासत यह है कि उन्होंने तमिल सिनेमा को उसकी जड़ों से जोड़े रखा जब ग्लोबल साउंड का दबाव हावी था।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगीत निर्देशक देवा कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
देवा 'थेनिसाई थेंड्रल' के नाम से मशहूर तमिल सिनेमा के दिग्गज संगीत निर्देशक थे, जिनका 17 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की आयु में चेन्नई के सूर्या अस्पताल में निधन हुआ। उन्होंने 1986 में 'माटुकारा मन्नारु' से अपने करियर की शुरुआत की थी।
देवा की सबसे प्रसिद्ध फिल्में कौन-सी थीं?
देवा ने रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्मों 'अण्णामलाई', 'अरुणाचलम' और 'बाशा' में संगीत दिया, जो तमिल सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। इनके अलावा उन्होंने दशकों में अनेक सुपरहिट फिल्मों में संगीत रचना की।
देवा ने तमिल सिनेमा में गाना शैली क्यों अपनाई?
देवा के अनुसार, इलैयाराजा और एआर रहमान जैसे दिग्गजों के दबदबे में अपनी अलग पहचान बनाना ज़रूरी था। उन्होंने खुद बताया था कि उनसे पहले 27 संगीत निर्देशकों ने डेब्यू किया और टिक नहीं पाए, इसलिए उन्होंने गाना शैली को चुना जो उनकी विशिष्ट पहचान बन गई।
देवा को कौन-से सम्मान मिले थे?
देवा तमिलनाडु सरकार के प्रतिष्ठित कलैमामणि पुरस्कार विजेता थे और उन्होंने पहली बार 1990 में तमिलनाडु सरकार का स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता था। ये पुरस्कार तमिल कला और संस्कृति में उनके असाधारण योगदान की मान्यता थे।
देवा का परिवार सिनेमा जगत से कैसे जुड़ा है?
देवा के पुत्र श्रीकांत देवा एक जाने-माने संगीत निर्देशक हैं और उनके भतीजे जय तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता हैं। इस तरह उनकी पीढ़ी तमिल मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रूप से योगदान दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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